मुरादाबाद: सड़क हादसे में घायल महिला की उपचार के दौरान मौत

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मुरादाबाद, अमृत विचार। रविवार देर रात सड़क हादसे में घायल महिला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी पहचान नहीं हो सकी है। इस हादसे में घायल हुए युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिसके शव को सिविल लाइंस पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। महिला के शव …

मुरादाबाद, अमृत विचार। रविवार देर रात सड़क हादसे में घायल महिला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी पहचान नहीं हो सकी है। इस हादसे में घायल हुए युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिसके शव को सिविल लाइंस पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। महिला के शव को 72 घंटे के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है।

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के कस्बा अगवानपुर में फ्लाईओवर के पास देर रात करीब साढ़े आठ बजे कार की टक्कर से बाइक सवार युवक और महिला घायल हो गए थे। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को जिला अस्पताल भिजवाया था। वहां चिकित्सकों ने युवक को देखते ही मृत घोषित कर दिया था, जबकि महिला को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया था।

सूचना पाकर जिला अस्पताल पहुंचे मृतक के भाई ने शव की पहचान अपने भाई 31 वर्षीय जगजीवन के रूप में की थी। छजलैट थाना क्षेत्र के गांव बरखेड़ा बसंतपुर उर्फ दयानाथपुर निवासी जगजीवन महलकपुर मार्ग स्थित बसंल फर्म में काम करता था। घटना के समय वह मुरादाबाद से अपने घर जा रहा था।

माना जा रहा था कि महिला जगजीवन के साथ ही थी, मगर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने उसे नहीं पहचाना। इसलिए अनुमान है कि वह भी अचानक कार के सामने आ गई होगी। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि संभवत: जगजीवन ने उसे लिफ्ट दी हो। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस रविंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि महिला की शिनाख्त के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।

पिता की मौत से उठा तीन बच्चों के सिर से साया
सड़क हादसे में हुई जगजीवन की मौत ने जहां पत्नी शीतल की मांग उजाड़ दी, वहीं उसके तीन बच्चों शिवानी, अन्नू व अंश कुमार के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। इतना ही नहीं दो बहनों बबिता और रविता तथा भाइयों विपिन और अंकित ने भी बड़ा भाई खो दिया। जवान बेटे की मौत ने वृद्ध पिता जबर सिंह की कमर तोड़ दी है। मां सुमन का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

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