बाराबंकी के सुमित कुमार ने पेंटिग में बनाया नया विश्व रिकॉर्ड, जानें कैसे?
बाराबंकी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आयाम राष्ट्रीय कला मंच द्वारा शहर स्थित जीआईसी ऑडिटोरियम में लाल बहादुर शास्त्री जी की 117 वी जयंती पर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता सुमित कुमार द्वारा 7500 स्क्वायर फीट में लाल बहादुर शास्त्री जी का चित्र बनाया गया। इस चित्र को बनाने में 40 घंटे लगे। सुमित कुमार इन्धौलिया, …
बाराबंकी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आयाम राष्ट्रीय कला मंच द्वारा शहर स्थित जीआईसी ऑडिटोरियम में लाल बहादुर शास्त्री जी की 117 वी जयंती पर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता सुमित कुमार द्वारा 7500 स्क्वायर फीट में लाल बहादुर शास्त्री जी का चित्र बनाया गया। इस चित्र को बनाने में 40 घंटे लगे। सुमित कुमार इन्धौलिया, जैदपुर बाराबंकी के रहने वाले हैं।
सुमित कुमार अभी छात्र हैं और लखनऊ विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ फाइन आर्ट में तृतीय वर्ष के विद्यार्थी हैं। सुमित कुमार बताते हैं कि उनका सपना इंटरनेशनल आर्टिस्ट बनने का है और इंटरनेशनल अल्टिस बनने के बाद जो युवा कला क्षेत्र में रुचि रखते हैं या फिर उन्हें आर्थिक समस्या आ रही है उनको सहायता करना और उनको अच्छा प्लेटफार्म मिले इसके लिए कार्य करेंगे।
आगे बताते हुए उन्होंने बताया कि आर्टिस्ट बनने की प्रेरणा उन्हें अपने नाना से मिली लेकिन उनके नाना परिवारिक समस्याओं के चलते ऑल टेस्ट नहीं बन पाए इसलिए सुमित कुमार अपने नाना का सपना एक अंतर्राष्ट्रीय अल्टिस बनकर साकार करना चाहते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आकाश पटेल रुद्र ने बताया कि अभी तक विश्व में 7100 स्क्वायर फीट चित्र बनाने का रिकॉर्ड था जिसको सुमित कुमार ने 7500 स्क्वायर फिट में चित्र बनाकर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है।
और यह बहुत गर्व का विषय है की हमारे बाराबंकी जिले में युवाओं के पास ऐसी प्रतिभा है जिससे वह न केवल राष्ट्र बल्कि पूरे विश्व में एक रिकॉर्ड कायम करने का कार्य कर रहे हैं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद न केवल छात्र समस्याओं को लेकर केवल आंदोलन करने वाला संगठन नहीं है बल्कि रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं में उनकी प्रतिभाओं को भी एक सही दिशा और मंच देने वाला संगठन है इसी के माध्यम से उनमें राष्ट्रभक्ति देशभक्ति की भी जाओ भावना जागृत हो इस दिशा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सन 1949 से कार्य करता रहा।
