यूपी: लखीमपुर हिंसा पर सियासी घमासान, कहीं प्रदर्शन तो कहीं हंगामा, दारोगा को भी पीटा

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के बाद हुआ बवाल सोमवार को सियासी घमासान बन गया। विपक्ष के तमाम बड़े नेता सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे तो उन्हें नियंत्रित करने में सरकारी मशीनरी के पसीने छूट गए। इस बीच सरकार ने आंदोलनरत किसानों से समझौता किया। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया …

लखनऊ। लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के बाद हुआ बवाल सोमवार को सियासी घमासान बन गया। विपक्ष के तमाम बड़े नेता सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे तो उन्हें नियंत्रित करने में सरकारी मशीनरी के पसीने छूट गए। इस बीच सरकार ने आंदोलनरत किसानों से समझौता किया। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि सरकार मृतकों के परिजनों को 45-45 लाख रुपये और मृतक आश्रित को सरकारी नौकरी देगी। घटना की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे और आठ दिन में दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

रविवार को हुई इस घटना पर शाम से ही राजनीतिक लड़ाई छिड़ गई थी। कांग्रेस की प्रियंका गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, प्रो. रामगोपाल यादव, प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव, आप सांसद संजय सिंह, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल समेत अनेक नेताओं ने घटनास्थल पर जाने का ऐलान कर दिया था। इसलिए पुलिस प्रशासन ने भूपेश बघेल को छोड़ लखनऊ में मौजूद सभी नेताओं को नजरबंद कर लिया था। लेकिन प्रियंका गांधी और आप सांसद संजय सिंह पुलिस को चकमा देकर निकल गए। जिन्हें सीतापुर में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

उधर, अखिलेश यादव के आवास पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग गया था। ऐसे में उन्हें रोकने में पुलिस हलकान हो गई। सपा समर्थकों ने शहर में भी जगह-जगह प्रदर्शन किए। विश्वविद्यालय के सामने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया तो गौतमपल्ली थाने के सामने पुलिस जीप को जला दिया गया। अखिलेश को हिरासत में लेने के लिए अफसरों को घंटों पसीना बहाना पड़ा और उन्हें व प्रो. रामगोपाल यादव को ले जाकर ईको गार्डन में रखा गया। जहां कार्यकर्ता उनके छूटने तक जमा रहे। उधर, पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को एयरपोर्ट से निकलने की अनुमति नहीं मिली।

झाड़ू लगाकर सोशल मीडिया में छाईं प्रियंका

सीतापुर में प्रियंका गांधी को हिरासत में लेकर जिस गेस्ट हाउस में ठहराया गया। वह कमरा बहुत गंदा था। ऐसे में उन्होंने खुद झाड़ू उठाई और कमरे की सफाई कर डाली। सरकार के विरोध के उनके इस तरीके को सोशल मीडिया पर खूब तवज्जो मिली। यह फोटो और वीडियो जमकर शेयर हुई।

वरुण गांधी ने अपने ट्विटर हैंडल से भाजपा भी हटाया

पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर किसान आंदोलनकारियों को सही ठहराया और किसानों की मौत को अक्षम्य अपराध करार दिया। उन्होंने पीड़ितों को एक-एक करोड़ मुआवजा देने की भी मांग की। विरोध स्वरूप उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल पर अपने बायो में बीजेपी शब्द भी हटा दिया।

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