बाराबंकी: पांच सालों से नहीं मिला मदरसा टीचरों को वेतन, आर्थिक रूप से टूट गए कर्मचारी
बाराबंकी। लगातार पांच सालों से मदरसा आधुनिक टीचरों को मानदेय न मिलने के कारण कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। इस मौके पर सैकड़ो शिक्षक मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष इब्राहिम अंसारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि लगातार 5 सालों …
बाराबंकी। लगातार पांच सालों से मदरसा आधुनिक टीचरों को मानदेय न मिलने के कारण कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। इस मौके पर सैकड़ो शिक्षक मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष इब्राहिम अंसारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि लगातार 5 सालों से मदरसों में तैनात आधुनिक विषय के शिक्षकों को मानदेय नहीं मिला है। जिसकी वजह से स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि शिक्षक कर्जदार हो गये हैं।
वहीं शिक्षकों ने बताया कि 1995 में अटल बिहारी सरकार ने मदरसो के बच्चों को दीनी तालीम के साथ मॉडर्न तालीम देने के मकसद से एक योजना बनाई। हर मदरसे में 3 टीचर हिंदी अंग्रेजी गणित विज्ञान विषयों को पढ़ा कर मदरसों को आधुनिक बनाया। भाजपा की इस स्कीम के बाद 10 साल कांग्रेस और उसके बाद मोदी सरकार ने मदरसा टीचरों को तबाह किया।
जिला अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहिम अंसारी ने बताया 2014 में देश के चुनाव में भाजपा के घोषणा पत्र में इसी योजना का जिक्र करते हुए कहा गया था कि मदरसों को आधुनिक बनाया जाएगा उस वक्त हम लोगों को एक बड़ी उम्मीद जगी थी लेकिन, इसके बाद शायद मोदी सरकार भी भूल गई और हम लोग सियासत का शिकार हो गए ।प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि जब तक मुस्लिम समाज शिक्षित नहीं होगा तब तक देश के दुश्मनों का शिकार होता रहेगा। इस मौके पर मोहम्मद मशीन, मोहम्मद मशीद सोहेल अख्तर, सादिक रेशमा बानो समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे ।
