बरेली: दिव्यांगों को पेंशन नहीं, दर्द दे रहे विकास भवन कर्मी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। कोरोना जैसे संकट से उबरने के लिए केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार, प्रत्येक गरीब व असहाय लोगों के लिए हरसंभव मदद कर रही है, लेकिन दिव्यांगों के लिए संचलित पेंशन योजना का जिले में बुरा हाल है। कर्मचारियों की उदासीनता के चलते किसी को तीन महीने से पेंशन नहीं मिली है …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना जैसे संकट से उबरने के लिए केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार, प्रत्येक गरीब व असहाय लोगों के लिए हरसंभव मदद कर रही है, लेकिन दिव्यांगों के लिए संचलित पेंशन योजना का जिले में बुरा हाल है। कर्मचारियों की उदासीनता के चलते किसी को तीन महीने से पेंशन नहीं मिली है तो कोई साल भर बाद भी ब्लाक से लेकर जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रहा है। वास्तव में दिव्यांगों तक योजना का कितना लाभ पहुंच रहा है, इस पर गौर करने वाला कोई नहीं है। सरकारी आंकड़ों की बात करें तो जिले में 25 हजार से अधिक दिव्यांग पंजीकृत हैं। इन्हें विभाग से 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है, लेकिन इनमें कई लोगों को किसी कारणवश पेंशन नहीं मिल रही है। इसके चलते उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

अधिकारी भी दिव्यांगों की पेंशन योजना को लेकर गंभीर नहीं है। मंगलवार को विकास भवन परिसर स्थित दिव्यांग सशक्तिकरण कार्यालय में रोजाना की तरह कई दिव्यांग अपनी पेंशन संबंधी समस्या लेकर पहुंचे थे। उनसे पेंशन के सिलसिले में जानकारी ली गयी तो उन्होंने अपना दर्द बयां किया। साफ कहा कि उनकी समस्या का समाधान करना तो दूर, कर्मचारी ठीक से सुनवाई तक नहीं करते। मजबूरी में दूर-दराज से थके-हारे पहुंचे दिव्यांग अफसरों को कोसते हुए घर लौट जाते हैं। इनमें कई लोगों की आर्थिक स्थिति तो इतनी दयनीय होती है कि वे घर से आने-जाने का किराया तक नहीं जुटा पाते।

मंगलवार को दोनों पैरों से लाचार फतेहगंज के राजाराम किसी तरह विकास भवन पहुंचे और बताया कि करीब तीन महीने से पेंशन खाते में नहीं पहुंची। बैंक वाले कहते हैं कि विकास भवन जाओ। यहां आने पर कर्मचारी यह कहकर लौटा देते हैं कि खातों में पैसा शासन से ही जाएगा। अभी इंतजार करो मगर अब तक समाधान नहीं हो सका। इसी तरह भोजीपुरा के रहने वाले उदयभान ने बताया कि पेंशन की आस में पांच माह से लगातार विकास भवन का चक्कर लगा रहे हैं। पिछले सप्ताह कार्यालय बंद मिलने पर आज फिर आया हूं। बार-बार आने से तबीयत खराब हो रही है। पेंशन दस्तावेज में कर्मचारी हर बार कोई न कोई खामियां निकाल देते हैं। जेब में इतना पैसा नहीं होता कि बार-बार चक्कर लगा सकें।

सभी पात्रों की दिव्यांग पेंशन उनके खातों में जा रही है। जिनके खाता नंबरों में त्रुटियां हैं, उनको दुरुस्त किया जा रहा है। इसी महीने सभी की पेंशन खातों में पहुंच जाएगी।  -योगेश पांडेय, जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी

संबंधित समाचार