पीलीभीत: मिट्टी निकालने गई दो बच्चियों की तालाब में डूबकर मौत

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बरखेड़ा (पीलीभीत), अमृत विचार। गौरा-गौरी के विवाह के लिए मिट़टी निकालने गई दो बच्चियों की तालाब में डूबकर मौत हो गई। तालाब किनारे मौजूद अन्य बच्चियों के शोर मचाने पर ग्रामीण जमा हो गए। दोनों बच्चियों काे तालाब से बाहर निकाला गया। मगर, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। इसकी सूचना मिलने पर …

बरखेड़ा (पीलीभीत), अमृत विचार। गौरा-गौरी के विवाह के लिए मिट़टी निकालने गई दो बच्चियों की तालाब में डूबकर मौत हो गई। तालाब किनारे मौजूद अन्य बच्चियों के शोर मचाने पर ग्रामीण जमा हो गए। दोनों बच्चियों काे तालाब से बाहर निकाला गया। मगर, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। इसकी सूचना मिलने पर बरखेड़ा पुलिस गांव पहुंची और हादसे की जानकारी जुटाई। दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

हादसा बुधवार शाम का है। बरखेड़ा थाना क्षेत्र के ललौर गुजरानपुर गांव में बाहर की तरफ एक तालाब है। वहां पर गुजारी का फूल तोड़ने के लिए अक्सर बच्चे जाते है। गांव के ही किशनलाल की 11 वर्षीय पुत्री शिवरानी, भगवानदास की 12 वर्षीय पुत्री सोमवती दोपहर करीब तीन बजे उसी तालाब से मिट्टी निकालने गईं थी। गांव की कई अन्य बच्चियां भी तालाब के पास थीं। शिवरानी और सोमवती दोनों तालाब में गिर गई। पानी अधिक होने पर वह डूबने लगी। मौके पर मौजूद अन्य बच्चियों के शोर मचाने पर ग्रामीण जमा हो गए। बचाने का काफी प्रयास किया गया, मगर दोनों तालाब में डूब चुकी थीं।

खबर मिलने पर दोनों के परिवार वाले भी आ गए। फिर ग्रामीण तालाब में उतरे और काफी मशक्कत के बाद दोनों के शवों को बाहर निकाला जा सका। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। बरखेड़ा पुलिस ने गांव पहुंचकर हादसे की जानकारी जुटाई। घटनास्थल का मुआयना भी किया।इंस्पेक्टर धीरज सिंह सोलंकी ने बताया कि तालाब में डूबकर दो बच्चियों की मौत हुई है। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हादसा दुखद है।

दोनों के डूबने का शोर मचाते हुए बच्चे गांव की तरफ आए तो मचा हड़कंप
घर से हंसी-खुशी गौरा-गौरी के विवाह के लिए मिट्टी लेने गई बच्चियों के तालाब में डूबने का शाेर मचा तो ललौर गुजरानपुर गांव में खलबली मच गई। जिसने भी सुना बच्चियों को बचाने के लिए तालाब की ओर दौड़ पड़ा। दोनों बच्चियां तालाब में डूब चुकी थी। तालाब में उतरकर ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला। मगर, उन्हें बचाया नहीं जा सका। दोनों की मौत के बाद परिवार में चीख पुकार मची रही। परिजन मासूम बेटियों की मौत से बेसुध थे। दोनों घरों के बाहर जमा ग्रामीणों की भीड़ गमगीन परिवारों को ढांढस बंधाने में जुटी रही।

ललौर गुजरानपुर गांव में हुए हादसे में जान गंवाने वाली दोनों बच्चियां सामान्य परिवार से हैंं। दोनों के पिता खेती करते हैं। मृतका शिवरानी तीन भाई-बहन थे। वह गांव के ही सरकारी स्कूल में कक्षा सात में पढ़ाई कर रही थी। वहीं, सोमवती एकलौती पुत्री थी। उसके तीन भाई हैं। वह उसी सरकारी स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा थी। एक ही स्कूल में पढ़ाई और मकान नजदीक होने की वजह से दोनों में अच्छी मित्रता थी। गांव के बाहर की तरफ करीब 500 मीटर दूर तालाब है। वहां पर अक्सर गांव के बच्चे जाते हैं। ये दोनों भी गांव के अन्य बच्चों के साथ दोपहर तीन बजे चली गई थी।

मगर, अचानक एक-एक कर दोनों तालाब में गिर गई। साथ गई बच्चियों ने बचाने के प्रयास किए, मगर, हम उम्र होने की वजह से नाकाफी साबित हुए। यही वजह रही कि मदद के लिए सभी ने शोर मचाकर लोगों को जमा करना शुरू कर दिया। उधर, परिवार वाले बच्चों की वापसी का इंतजार कर रहे थे। मगर,दोनों परिवारों के खुशनुमा माहौल को ग्रहण लग गया। अब दोनों परिवारों में मातमी सन्नाटा पसरा रहा।

एक और बच्ची के तालाब में गिरने का मचा रहा शोर
इन दो बच्चियों के अलावा भी एक बच्ची के तालाब में डूबने का शोर मचा रहा था। बताते हैं कि वह भी इन दोनों बच्चियों के साथ ही गई थी।वह वहां पर गुजारी के फूल तोड़ते वक्त तालाब में गिर गई थी। मगर, वह किनारे की तरफ थी , तो प्रयास कर सुरक्षित बाहर निकल आई। हालांकि उस बच्ची की पहचान अभी ग्रामीण नहीं कर सके हैं।

तालाब में डूबकर पहले भी बच्चे गंवा चुके हैं जान
तालाब में डूबकर बच्चों की मौत का ये कोई पहला मामला नहीं है। परिवार की नजर से दूर पहुंचने के बाद हल्की सी चूक ने कई बच्चों की जान ली है। 17 जून को पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के घुंघचाई गांव में 12 साल के दो बच्चे, जोकि आपस में मौसेरे भाई थे।उनकी तालाब में नहाने के दौरान डूबकर मौत हो गई थी। पिछले सप्ताह पानी भरे गड़्डे में गिरने के बाद डूबने से डेढ़ साल के बच्चे की मौत हुई थी। पिछले साल अक्टूबर में दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव में कक्षा चार के छात्र की भी इसी तरह से मौत हो गई थी।

वह भी दोस्तों के साथ तालाब में नहाने गया था। 15 अगस्त 2018 में सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के बरहा गांव में तालाब में नहाते वक्त एक साथ चार बच्चों की मौत हुई थी। इस हादसे की जैसे ही खबर मिली तत्कालीन एसपी बालेंदु भूषण सिंह खुद मौके पर पहुच गए थे। कई तैराकों की मदद से घंटों बाद चारों शव निकाले जा सके थे। इसके अलावा भी कई बच्चे मर चुके हैं।

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