दूसरा नवरात्र: मां ब्रह्मचारिणी को खुश करने के लिए इस रंग और भोग के साथ करें पूजा-अर्चना

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन है मां दूर्गा के दूसरे रूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी को हरा रंग बेहद प्रिय होता है। माना जाता है कि मां ब्रह्मचारिणी को हरे रंग का भोग अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही भक्त की मन की मुरादें भी …

शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन है मां दूर्गा के दूसरे रूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी को हरा रंग बेहद प्रिय होता है। माना जाता है कि मां ब्रह्मचारिणी को हरे रंग का भोग अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही भक्त की मन की मुरादें भी पूरी होती हैं। मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से सिद्धी की प्राप्ति होती है।

पूजन विधि
दूसरा नवरात्र में मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने के लिए सबसे पहले नहा-धोकर साफ-सुथरे कपड़े पहन लें। इसके बाद ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए उनका चित्र या मूर्ति पूजा के स्थान पर स्थापित करें। उस पर फूल चढ़ाएं दीपक जलाएं और नैवेद्य अर्पण करें। पूजा करते समय मंत्र का 108 बार जप करें।

मंत्र
ब्रह्मचारयितुम शीलम यस्या सा ब्रह्मचारिणी
सच्चीदानन्द सुशीला च विश्वरूपा नमोस्तुते..

मां ब्रह्मचारिणी की कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा हिमालय के घर एक सुंदर कन्या ने जन्म लिया था। वह कन्या भगवान शिव को अपने पति के रूप में स्वीकारना चाहती थी इसीलिए नारद जी ने उसे कठोर तप करने का सलाह दिया। नारद मुनि की बात मानकर वह कन्या कठोर तप करने लगी जिसके कारण उसका नाम ब्रह्मचारिणी या तपश्चारिणी रखा गया।

कहा जाता है कि इस कड़ी तपस्या के चलते मां ब्रह्मचारिणी ने हजारों साल तक सिर्फ फल-फूल का सेवन किया था। इतना ही नहीं साग खाकर वह सौ साल तक जीवित रही थीं और भगवान शिव को पाने की तपस्या कर रही थीं। उनका तप देखकर सभी देवी-देवता अचरज में पड़ गए थे। सभी देवी-देवताओं ने उन्हें वरदान दिया कि उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी और ठीक वैसा ही हुआ।

यह लगाएं भोग
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते समय गुड़हल और कमल का फूल उन्हें अवश्य अर्पित करें। मां ब्रह्मचारिणी को चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग अवश्य लगाना चाहिए। अगर आप मां ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो उन्हें दूध और दूध से बने व्यंजन जरूर अर्पित करें। अगर आप लंबी आयु और सौभाग्य प्राप्त करना चाहते हैं तो मां ब्रह्मचारिणी व्रत पर इन सभी चीजों का दान अवश्य करें।

यह भी पढ़े-

राधा-कृष्ण अंतिम भेंट: जब राधा ने कहा- नहीं कृष्ण अब तुम कान्हा नहीं रहे, बहुत बदल गए हो…

संबंधित समाचार