बरेली: संघटक राजकीय महाविद्यालय से लड़कियों की शिक्षा को मिलेगा सबल
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के संघटक राजकीय महाविद्यालय मीरापुर बांगर, बिजनौर का लोकार्पण राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ऑनलाइन माध्यम से किया। प्रदेश में 72 संघटक महाविद्यालयों का संचालन होना है, जिसमें रुविवि को 13 महाविद्यालयों की जिम्मेदारी दी गई है। बिजनौर में प्रदेश का पहला महाविद्यालय बनकर तैयार हुआ है। महाविद्यालय …
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के संघटक राजकीय महाविद्यालय मीरापुर बांगर, बिजनौर का लोकार्पण राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ऑनलाइन माध्यम से किया। प्रदेश में 72 संघटक महाविद्यालयों का संचालन होना है, जिसमें रुविवि को 13 महाविद्यालयों की जिम्मेदारी दी गई है। बिजनौर में प्रदेश का पहला महाविद्यालय बनकर तैयार हुआ है। महाविद्यालय में इसी सत्र से एमए, एमएससी व एमकॉम की पढ़ाई शुरू हो रही है। जल्द ही बीए, बीएससी व बीकॉम की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन माध्यम से किट वितरण का अवलोकन किया। उसके बाद आंगनबाड़ी गोद लेने वाली सात संस्थाओं के विभागाध्यक्षों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। राज्यपाल ने संघटक महाविद्यालय की विवरणिका का विमोचन भी किया। राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम जहां एक तरफ बिजनौर जिले को संघटक राजकीय महाविद्यालय प्रदान करने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, शिशुओं का अन्नप्राशन कार्यक्रम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट वितरण कार्यक्रम से जनवर्ग का लोक कल्याण होगा।
संघटक राजकीय महाविद्यालय मीरापुर बांगर के आरम्भ होने से विद्यार्थियों को मुख्यतः लड़कियों की शिक्षा को सबल मिलेगा। अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से उनका विकास होगा और उनका भविष्य उज्जवल होगा। मुझे विश्वास है कि आगामी सत्र 2022-2023 में रुहेलखंड विश्वविद्यालय को दिये गए शेष अन्य 12 संघटक राजकीय महाविद्यालय भी आरम्भ हो जायेंगे। इससे बरेली और मुरादाबाद मण्डल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने लगेगी।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर की। कुलपति प्रो. केपी सिंह व अन्य अतिथियों ने चयनित 11 महिलाओं के गोद भराई एवं पांच शिशुओं का अन्नप्राशन का कार्यक्रम आयोजित किया। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा में व्यापक बदलाव का दौर है। केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से उच्च शिक्षा में बहुत से महत्वपूर्ण बदलाव विद्यार्थियों के हित में किए गए हैं।
अभिभाषण के बाद कुलपति ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ राजीव कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर आशा चौबे ने किया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक बिजनौर सुची चौधरी, जिलाधिकारी बिजनौर उमेश मिश्रा, एसपी सिटी डॉ प्रवीन रंजन सिंह, वरिष्ठ शिक्षक प्रो. एसके पांडेय, प्रो. संजय गर्ग, प्रो. आलोक श्रीवास्तव, प्रो. जेएन मौर्या, प्रो. एसएस बेदी, प्रो. विजय बहादुर यादव, डॉ एके सिंह, डॉ अमित सिंह, परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार अरविंद, वित्त अधिकारी के.के. शंखवार, आनंद मौर्या व अन्य मौजूद रहे।
