बरेली: देहात में गहराया बिजली संकट, पूरी रात हो रही गुल

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कोयले की कमी के बाद देहात क्षेत्र में बिजली का संकट गहरा गया है। पूरी रात बिजली की कटौती की जा रही है। इससे ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं का बुरा हाल हो गया है। अधिकारी कोयले की कमी को बताते हुए बिजली के संकट की बात कह रहे हैं। पिछले तीन चार …

बरेली, अमृत विचार। कोयले की कमी के बाद देहात क्षेत्र में बिजली का संकट गहरा गया है। पूरी रात बिजली की कटौती की जा रही है। इससे ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं का बुरा हाल हो गया है। अधिकारी कोयले की कमी को बताते हुए बिजली के संकट की बात कह रहे हैं। पिछले तीन चार दिनों से भीषण कटौती का सिलसिला शुरू हो गया है। बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। 24 घंटे में करीब 8 घंटे कटौती हो रही है। शहर में गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह को बीच-बीच में दो-दो घंटे का कट रहा। गांवों में 10 से 12 घंटे कटौती हो रही है। शहरों में सुबह के समय कटौती होने से उपभोक्ताओं के सामने पेयजल की समस्या से रूबरू होना पड़ रहा है।

अधिकारियों की माने तो बिजली उत्पादन को लेकर समस्या आ रही है। विभाग द्वारा इसके पीछे कई पावर प्लांटों से सप्लाई ठप होने का कारण बताया जा रहा है। सीबीगंज क्षेत्र के कई गांवों में पूरी रात बिजली गुल हो जा रही है। विद्युत कटौती के चलते जनता परेशान है। वही मीरगंज, भुता, आंवला, बहेड़ी और नवाबगंज जैसे इलाकों में भी रात के समय बिजली का संकट गहरा गया है।

नवरात्र और दशहरा पर हो सकती है परेशानी
शहर के लिए 24 घंटे और देहात को 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल जारी है। अब कोयले की किल्लत से आपूर्ति का शेड्यूल प्रभावित हो रहा है। बिजली आपूर्ति की निगम स्तर से निगरानी की जा रही है। अब थर्मल प्लांटों पर कोयल बारिश में भीग गया है। इस कारण बिजली का उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

इस कारण अचानक कभी दिन में तो कभी रात में कई-कई घंटे बिजली की कटौती हो रही है। नवरात्र के साथ त्योहारी सीजन भी शुरू हो गया है। यदि कोयले की किल्लत दूर न हुई तो नवरात्र के बाद विजयदशमी, धनतेरस आदि त्योहारों पर जिले के लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ता सकता है।

कोयले की कमी को लेकर बिजली का संकट हो रहा है। शासन स्तर से लगातार हालात सही करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में हम इससे अधिक कुछ नहीं बता सकते। हालत सही होने के बाद बिजली कटौती में सुधार हो जाएगा। -अशोक कुमार चौरसिया, बिजली अधीक्षण अभियंता देहात

अभियंताओं की हड़ताल के बीच जेई संगठन ने बंद किया फोन
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियन्ता संघ ने समस्याओं का निस्तारण न होने पर आंदोलन शुरू कर दिया है। पिछले कई दिन से वह 1 घंटे का कार्य बहिष्कार करने के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने समस्याओं के समाधान एवं ऊर्जा निगमों में टकराव टालने के लिए ऊर्जा मंत्री से हस्तक्षेप की अपील की है। अभियंताओ के धरना प्रदर्शन के बीच अब जिले के जेई संगठन ने भी शनिवार को विरोध जताते हुए अपना मोबाइल फोन बंद रखा। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन ने शनिवार को फैसला लिया कि संगठन द्वारा सरकारी नंबर को बंद रखकर हड़ताल का विरोध करेंगे।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कार्य के साथ ईआरपी ऑनलाइन समेत अन्य कामों का भी निस्तारण नहीं करेंगे। उन्होंने प्रबंधन की ओर से होने वाली वीडियो कॉल का भी बहिष्कार करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो जल्द ही वह बड़ा आंदोलन करेंगे।

जेई संगठन के मोबाइल बंद होने से शनिवार को शहर में बिजली कटौती के बाद उपभोक्ताओं ने जब उन्हे फोन किया तो नंबर बंद मिलने पर उनके हाथ निराशा लगी। वहीं इधर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के महासचिव प्रभात सिंह द्वारा दोहना उपखंड अधिकारी इंजीनियर सुप्रीत सिंह को मंडल सचिव नियुक्त किया गया है।

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