बरेली: औषधीय फुलवारी से महकेगा स्कूल परिसर
प्रशांत पांडेय, अमृत विचार, बरेली। पर्यावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के सरकारी माध्यमिक स्कूलों में आरोग्य वाटिका बनेगी। इसमें औषधीय व फल, फूल के पौधे रोपित किए जाएंगे। इसकी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय भी पौधरोपण की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए स्कूलों का चिह्नीकरण कराया …
प्रशांत पांडेय, अमृत विचार, बरेली। पर्यावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के सरकारी माध्यमिक स्कूलों में आरोग्य वाटिका बनेगी। इसमें औषधीय व फल, फूल के पौधे रोपित किए जाएंगे। इसकी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय भी पौधरोपण की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए स्कूलों का चिह्नीकरण कराया जा रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद गुणकारी औषधीय पौधों की महत्ता बढ़ी है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण जरूरी भी है। इस संबंध में शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय ने पत्र जारी कर स्कूलों में आरोग्य वाटिका बनाने के निर्देश दिए हैं। आरोग्य वाटिका में लगने वाले औषधीय पौधों के गुणों के बारे में छात्रों के अलावा अभिभावकों को भी जानकारी दी जाएगी। स्कूल में वाटिका की सुंदरता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी स्कूल के ही एक शिक्षक को ही दी जाएगी ताकि पौधों की देखभाल अच्छी तरह हो सके। छात्र-छात्राओं को घरों में भी औषधीय पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले पौधों पर होगा जोर
आरोग्य वाटिका में वैसे तो अनेक गुणकारी पौधे रोपित किए जाएंगे। स्कूलों में बनने वाले आरोग्य वाटिका में उच्च रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले पौधे रोंपित किए जाएंगे। निर्धारित रूपरेखा के मुताबिक पहले चरण में हल्दी, चंदन, मीठी नीम, गिलोय, सर्पगंधा, ब्राहमी, सहजन, चाय, करंज, आंवला, अमरूद, आम और तुलसी आदि औषधीय पौधों से वाटिका को सजाया जाएगा।
शासन द्वारा छात्रों को पर्यावरण व औषधीय पौधों के प्रति जागरूक करने के लिए अच्छी पहल की जा रही है। इस दिशा में स्कूलों में वाटिका स्थान चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। -डा. अमरकांत सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
