अयोध्या: परीक्षा के मामले में कुंभकरण की नींद सो रहा अवध विश्वविद्यालय, जानें मामला
अयोध्या। छात्र समस्याओं के मसले पर डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन कुंभकरण की नींद सो रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में नए सत्र में प्रवेश के लिए पिछले एक महीने से कवायद चल रही है, जबकि पूर्व के कई सत्रों की परीक्षाएं अभी लंबित हैं। भले ही विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन में बी-ग्रेड मिला है, …
अयोध्या। छात्र समस्याओं के मसले पर डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन कुंभकरण की नींद सो रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में नए सत्र में प्रवेश के लिए पिछले एक महीने से कवायद चल रही है, जबकि पूर्व के कई सत्रों की परीक्षाएं अभी लंबित हैं। भले ही विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन में बी-ग्रेड मिला है, लेकिन प्रशासनिक रवैया छात्रों के भविष्य के लिए समस्या पैदा करने वाला है। अभी दो दिन पहले खबरें आई थी कि विश्वविद्यालय प्रशासन प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट करेगा, हालांकि यह निर्णय विश्वविद्यालय पहले कर चुका था।
बीटेक को छोड़कर विश्वविद्यालय अपने परिसर में चल रहे अधिकांश पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष की परीक्षा नहीं करा पाया है। कुछ पाठयक्रम तो कई सत्र पीछे चल रहे हैं। वहीं कई कोर्स के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के रिजल्ट को लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन सो रहा है, जबकि लगभग अन्य विश्वविद्यालय में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के रिजल्ट जारी कर कर दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थी आगे के अपने कैरियर के बारे में निर्णय ले सके। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र जो अवध विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के छात्र हैं उन्हें विश्वविद्यालय के इस ढुलमुल रवैया के कारण गुस्सा आ रहा है और भविष्य को लेकर चिंता भी बढ़ गई है। रिजल्ट को लेकर विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति है।
अगले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आकर्षित करने के लिए कई वैकेंसी निकाल रही हैं लेकिन अंतिम वर्ष का रिजल्ट ना आने के कारण विद्यार्थी इन परीक्षाओं का फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। वहीं कुछ संकाय ऐसे हैं जिनके अंतिम वर्ष की परीक्षा अभी तक नहीं कराई जा सकी है और इनका परिणाम कब आएगा उसका अता-पता नहीं है। छात्रों की मांग है शीघ्र ही अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को कराया जाये जो अभी नहीं कराई गयी है और शीघ्र परिणाम जारी किया जाए। जब इस बाबत विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक उमानाथ से बात करने के लिए फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
