पीलीभीत: पराली जलाने पर दो किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बिलसंडा, अमृत विचार। धान की पराली जलाने के आरोप में जिले में दो किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। उधर किसानों का कहना है कि सरकार सभी किसानों का धान क्रय केंद्रों पर तुलवाकर वाजिब मूल्य दिलवाए तो पराली नहीं जलाएंगे। बता दें कि क्षेत्र में धान की कटाई का काम काफी तेजी से …
बिलसंडा, अमृत विचार। धान की पराली जलाने के आरोप में जिले में दो किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। उधर किसानों का कहना है कि सरकार सभी किसानों का धान क्रय केंद्रों पर तुलवाकर वाजिब मूल्य दिलवाए तो पराली नहीं जलाएंगे। बता दें कि क्षेत्र में धान की कटाई का काम काफी तेजी से शुरू हो गया है। क्षेत्र में अभी तक क्रय केंद्रों पर धान की तौल शुरू नहीं हुई है। नतीजतन किसानों को अपनी उपज मिलों और आढ़तों पर बिक्री करनी पड़ रही है।
बाजार में मौजूदा समय में धान का भाव 1200 रुपए प्रति कुंतल से अधिक नहीं मिल पा रहा। किसान खेतों से कटवा कर धान सीधे मिलो पर पहुंचा रहे हैं, जिसकी वजह से उसमें खासी नमी भी है। उधर धान की अवशेष पराली कोनष्ट करने की भी समस्या किसानों के समक्ष उत्पन्न हो गई। ऐसे में कुछ किसान तो हैरों से जुताई करके नरई को नष्ट भी कर रहे कुछ किसान ऐसे भी हैं जो प्रतिबंध के बावजूद पराली को जलाने से बाज नहीं आ रहे।
नगर से सटे गांव चिंतापुर स्थित फार्मर लाल सिंह ने भी अपने खेत में खड़ी धान की फसल कटवाने के बाद पराली जलानी शुरू कर दी ।पराली जलाए जाने की सूचना मिलते ही हल्का लेखपाल आशीष कुमार निषाद राजस्व टीम के साथ मौके पर जा धमके, और उन्होंने किसान से पराली जलाने पर ऐतराज जताते हुए उसे तत्काल बुझाने को कहा, लेकिन किसान ने पराली बुझाने से इनकार कर दिया।
जिसके बाद हल्का लेखपाल आशीष कुमार ने थाने पहुंचकर आरोपी किसान के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने पराली जलाने के आरोप में किसान लाल सिंह समेत दो लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया। पराली जलाने के मामले में जिले में किसानों के खिलाफ यह पहला मुकदमा है ।
