बरेली: त्योहार स्पेशल ट्रेनें तो चलाईं मगर खल रही अनारक्षित श्रेणी की कमी

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बरेली, अमृत विचार। दिवाली और छठ पर रेल प्रशासन द्वारा त्योहार स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। मगर इन ट्रेनों में अनारक्षित श्रेणी नहीं होने के कारण काफी संख्या में यात्री अधिक जुर्माना भरकर ट्रेनों में सफर करने को मजबूर हैं। रेलवे प्रशासन द्वारा बरेली जंक्शन पर भी सात जोड़ी त्योहार स्पेशल ट्रेनों का ठहराव …

बरेली, अमृत विचार। दिवाली और छठ पर रेल प्रशासन द्वारा त्योहार स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। मगर इन ट्रेनों में अनारक्षित श्रेणी नहीं होने के कारण काफी संख्या में यात्री अधिक जुर्माना भरकर ट्रेनों में सफर करने को मजबूर हैं। रेलवे प्रशासन द्वारा बरेली जंक्शन पर भी सात जोड़ी त्योहार स्पेशल ट्रेनों का ठहराव रखा गया है। मगर इन ट्रेनों में यात्री केवल आरक्षण कराकर ही सफर कर सकते हैं।
बीते साल मार्च में शुरू हुई कोविड लहर के दौरान अनारक्षित टिकटों की बिक्री को बंद कर दिया गया था।

हाल ही में अनारक्षित टिकट पर यात्रा की बहाली तो हुई लेकिन बरेली जंक्शन से उत्तर रेलवे की मात्र एक ट्रेन बरेली-दिल्ली पैसेंजर अनारक्षित टिकट पर सफर किया जा सकता है। कई बार यात्री अचानक सफर करते हैं उनके लिए सबसे बड़ी मुसीबत है। जनरल टिकट नहीं मिलने के कारण एक तरफ जहां बोगियों में भीड़ बढ़ी है तो दूसरी तरफ बिना टिकट यात्रा के कारण खिड़की से निकाले जाने वाले टिकट की आय पर भी असर पड़ा है और जुर्मानों की राशि मे बढ़ोत्तरी हो रही है।

दूसरी तरफ यात्री मजबूरी में ट्रेन की जगह बस आदि का सफर करते हैं जिसमें उनकी जेब अधिक ढीली होती है। मुरादाबाद मंडल के वरिष्ठ रेल अधिकारियों की माने तो कोविड के कारण फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। हालांकि कुछ ट्रेनों में अनारक्षित टिकटों पर यात्री की अनुमति देने के लिए बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है।

कोलकाता स्थित पैतृक गांव जाने के लिए वैसे तो टिकट रिजर्व कराते हैं। लेकिन कई बार अचानक जाना पड़ जाए तो जनरल टिकट भी निकालते थे। मगर अब इसकी सुविधा नहीं होने से कई बार परेशान होना पड़ा। रेलवे प्रशासन को अधिक ट्रेनों में जनरल टिकट शुरू करना चाहिए। -सोहराबुद्दीन शेख

कारोबार के सिलसिले में अचानक ट्रेन की यात्रा करनी पड़ती है। पहले जनरल टिकट से किफायती सफर हो जाता था। मगर अब तो बस आदि से जाना पड़ता है तो ज्यादा किराया लगता है। अनारक्षित टिकट शुरू होने चाहिए। -कमल रस्तोगी

अधिकतर ट्रेनों में अनारक्षित टिकट की सुविधा थी तो जब चाहा आस-पास के स्टेशनों पर ट्रेन से सफर करते थे। अक्सर मुरादाबाद और रामपुर जाना होता है लेकिन अब जनरल टिकट नहीं मिलने के कारण बस से जाना पड़ता है। -किशन लाल

जनरल टिकटों की अधिक ट्रेनों में बहाली के लिए रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा गया है। इसकी अनुमति तो मुख्यालय से ही होगी जिसके लिए कोशिश की जा रही है कि कुछ और ट्रेनों में भी अनारक्षित टिकटों पर सफर किया जा सके। -सुधीर सिंह, सीनीयर डीसीएम, मुरादाबाद मंडल

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