बरेली: विधानसभा चुनाव दे रहा शहरी सीमा विस्तार को झटका
बरेली, अमृत विचार। शहरी क्षेत्र के विस्तार की चल रही कोशिशों को फिलहाल झटका लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव और उसके तुरंत बाद देशव्यापी जनगणना अभियान के शुरू होने के बाद नगर निगम से लेकर राज्य सरकार तक शहरी क्षेत्र की सीमा विस्तार की फाइल के डंप रहने के आसार हैं। नगर निगम के अधिकारियों …
बरेली, अमृत विचार। शहरी क्षेत्र के विस्तार की चल रही कोशिशों को फिलहाल झटका लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव और उसके तुरंत बाद देशव्यापी जनगणना अभियान के शुरू होने के बाद नगर निगम से लेकर राज्य सरकार तक शहरी क्षेत्र की सीमा विस्तार की फाइल के डंप रहने के आसार हैं। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि कोविड की वजह से शहरी क्षेत्र के विस्तार को विराम लग गया था। अभी सरकारी मशीनरी के सामने दूसरी प्राथमिकताएं हैं।
वर्ष 1980 में शहरी सीमा के विस्तार के दौरान 36 नए गांवों को शामिल किया गया था। उसके बाद से शहर के चारों ओर विस्तार होने के साथ बड़ी संख्या में नई कॉलोनियां भी विकसित हो गई हैं। हवाई अड्डा, मिनी बाईपास पर नए बस अड्डे की स्थापना सहित कई और सरकारी महत्वपूर्ण भवनों के बनने के बाद शहर के तमाम नए हिस्सों को शहरी क्षेत्र में शामिल करने की जरूरत काफी समय से महसूस हो रही है। पहले 30 गांव और नगर पंचायत ठिरिया को भी शामिल करने का प्रस्ताव था लेकिन बाद में करीब 20 और गांवों को शामिल कर लिया गया।
अब लगभग 56 गांवों को शामिल करने की तैयारी चल रही थी। बताते हैं कि इससे वार्डों की संख्या 80 से बढ़कर 120 या उससे भी ऊपर हो जाएगी। करीब दो साल पहले सीमा विस्तार को लेकर नगर निगम और प्रशासन स्तर से तेजी थी लेकिन उसके बाद कोविड के लंबे समय तक प्रभावी रहने और अब विधानसभा चुनाव के नजदीक आने व उसके बाद जनगणना अभियान के चलने से सीमा विस्तार पर सरकार का फोकस काफी समय तक के लिए हट गया है।
कुर्सी पाने वाले नए प्रधान भी राजी नहीं
नगर निगम जिन गांवों को शहर में शामिल करना चाहता है, उसके नवनियुक्त प्रधानों को मनाना भी काफी टेढ़ी खीर साबित होगा। उन्होंने प्रधानी पाने के लिए इस साल काफी पसीना बहाया है। इसलिए उनके गांवों को शहरी क्षेत्र में लाना बड़ी चुनौती साबित होगा।
इन नए गांवों को शहर में शामिल किया जाना है प्रस्तावित
मुड़िया अहमदनगर, बिलवा पार्ट, भूड़ा पार्ट, अटा कायस्थान, परधौली, कासिमपुर, करमपुर चौधरी, नगरियाकलां, चावड़, रजपुरा माफी, कुम्हरा पार्ट, खजुरिया जुल्फिकार पार्ट, गिरधारीपुर, खतौला, गनपतराय, धुंसा, तिलियापुर, धौरेरा माफी, अब्दुलापुर, चंदपुर बिचपुरी, डोहरा, डोहरिया, अहरौली, सिमरा अजमा बेगम, खजुरिया ब्रह्मनान, भरतौल, सैदपुर खजुरिया, मोहनपुर, नरियावल, ठिरिया निजावत खां, चनेहटा, चनेहटी, कांधरपुर, उमरसिया, बारीनगला, अभयपुर कैप, करगैना, बुखारा, कंथरी, अहलादपुर, मोहनपुर उर्फ रामनगर, इटौआ बेनीपुर पार्ट, कलारी, चंदपुर जोगियान, चंदपुर काजियान, बादशाहनगर, जोगीठेर, नवारा कुर्मियान पार्ट, सराय तल्फी, ऊंचा गांव, रर्ज पार्ट, बिरिया नरायनपुर, चौबारी, महेशपुर ठाकुरान, अंगूरी, रौंधी, इटौआ सुखदेवपुर, पहाड़गंज, बेहटी देह जागीर, पदारथपुर, भिंडौलिया आदि।
कुछ दिन बाद विधानसभा चुनाव की तैयारी होनी है। उसके बाद जनगणना कार्यक्रम होगा। ऐसे में सीमा विस्तार की कोशिशें को आगे बढ़ाना संभव नहीं है। -अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
