हिरासत में प्रियंका, पुलिस ने आगरा जाने से रोका, पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हुई नोकझोंक
लखनऊ। आगरा में पुलिस हिरासत में मारे गए सफाईकर्मी के परिजनों से मिलने जा रहीं प्रियंका गांधी के काफिले को पुलिस ने रोक दिया है। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं में नोकझोंक की भी खबर है। वहीं मामले में पुलिस की ओर से प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया है। वहीं, प्रियंका वाड्रा ने …
लखनऊ। आगरा में पुलिस हिरासत में मारे गए सफाईकर्मी के परिजनों से मिलने जा रहीं प्रियंका गांधी के काफिले को पुलिस ने रोक दिया है। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं में नोकझोंक की भी खबर है। वहीं मामले में पुलिस की ओर से प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया है।
वहीं, प्रियंका वाड्रा ने पुलिस के रवैये की आलोचना करते हुए ट्वीट किया है जिसमें कहा “ अरुण वाल्मीकि की मृत्यु पुलिस हिरासत में हुई। उनका परिवार न्याय मांग रहा है।
अरुण वाल्मीकि की मृत्यु पुलिस हिरासत में हुई। उनका परिवार न्याय मांग रहा है। मैं परिवार से मिलने जाना चाहती हूं। उप्र सरकार को डर किस बात का है? क्यों मुझे रोका जा रहा है।
आज भगवान वाल्मीकि जयंती है, पीएम ने महात्मा बुद्ध पर बड़ी बातें की, लेकिन उनके संदेशों पर हमला कर रहे हैं।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) October 20, 2021
मैं परिवार से मिलने जाना चाहती हूं। उप्र सरकार को डर किस बात की है। क्यों मुझे रोका जा रहा है। आज भगवान वाल्मीकि जयंती है, पीएम ने महात्मा बुद्ध पर बड़ी बातें की, लेकिन उनके संदेशों पर हमला कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव से पहले सड़क पर उतरकर कांग्रेस में प्राण फूंकने की लगातार कोशिश कर रहीं प्रियंका ने आगरा की घटना की आज सुबह निंदा करते हुए राज्य की योगी सरकार को एक बार फिर कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा है।
उन्होंने ट्वीट किया “ किसी को पुलिस कस्टडी में पीट-पीटकर मार देना कहां का न्याय है।
किसी को पुलिस कस्टडी में पीट-पीटकर मार देना कहां का न्याय है?
आगरा पुलिस कस्टडी में अरुण वाल्मीकि की मौत की घटना निंदनीय है। भगवान वाल्मीकि जयंती के दिन उप्र सरकार ने उनके संदेशों के खिलाफ काम किया है
उच्चस्तरीय जांच व पुलिस वालों पर कार्रवाई हो व पीड़ित परिवार को मुआवजा मिले
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) October 20, 2021
आगरा पुलिस कस्टडी में अरुण वाल्मीकि की मौत की घटना निंदनीय है। उच्चस्तरीय जांच व पुलिस वालों पर कार्रवाई हो व पीड़ित परिवार को मुआवजा मिले।
