हल्द्वानी: अधिकारियों की अनदेखी के कारण टूट गया गौला पुल, यातायात बाधित
हल्द्वानी, अमृत विचार। अधिकारी यदि समय रहते गौला पुल की जर्जर होती स्थिति पर ध्यान देते तो पुल का 30 मीटर का हिस्सा मंगलवार को धराशायी नहीं होता। अधिकारियों की अनदेखी का ही कारण है कि पुल के सभी पिलरों की सुरक्षा दीवार पूर्व में ही ढह चुकी है। बावजूद इसके अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद …
हल्द्वानी, अमृत विचार। अधिकारी यदि समय रहते गौला पुल की जर्जर होती स्थिति पर ध्यान देते तो पुल का 30 मीटर का हिस्सा मंगलवार को धराशायी नहीं होता। अधिकारियों की अनदेखी का ही कारण है कि पुल के सभी पिलरों की सुरक्षा दीवार पूर्व में ही ढह चुकी है। बावजूद इसके अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद नहीं टूटी।
365 मीटर लंबा गौला पुल नौ पिलरों पर खड़ा हुआ है।
इन सभी पिलरों को पानी से बचाने के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार पूर्व में क्षतिग्रस्त हो चुकी है। लेकिन अधिकारियों ने इसे दुरुस्त कराना उचित नहीं समझा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दो दिन बारिश और होती तो पिलर भी धराशायी हो सकते थे। अधिकारी इसकी देखरेख भी ठीक तरह से नहीं कर रहे हैं। पूर्व में जहां पीडब्ल्यूडी के पास इसकी देखरेख का जिम्मा था।
वहीं, अब उसने देखरेख की गेंद एनएचआई के पाले में फेंक दी है। अब एनएचएआई पुल की मरम्मत का कार्य करेगी। एनएचआई के पाले में गेंद फेंकने के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहते हैं। लेकिन ऐसा होना संभव नहीं है। क्योंकि पीडब्ल्यूडी ने आठ फरवरी 2021 को ही एनएचआई को पुल की देखरेख का जिम्मा सौंपा है।
ऐसे में वह पुल के क्षतिग्रस्त होने की पूर्ण जिम्मेदारी एनएचएआई पर नहीं डाल सकता है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक योगेंद्र शर्मा ने बताया कि फरवरी माह में ही हैंडओवर मिला है और पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। जल्द ही इसका पुनर्निमाण किया जाएगा। साथ ही रखरखाव पर पूरा ध्यान दिया जाएगा।
