रामपुर : कोसी नदी के मिलने से रामगंगा में बढ़ा बाढ़ का खतरा
रामपुर/शाहबाद, अमृत विचार। जिले में बाढ़ के हालात बेकाबू हो गए हैं। कई इलाकों में कोसी कहर बरपा रही है। लेकिन रामगंगा अभी तक शांत थी, हालांकि जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। गुरुवार को रामगंगा का जल तहसील क्षेत्र के गांव ढकुरिया के खेतों में घुस गया। इससे ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। हालांकि …
रामपुर/शाहबाद, अमृत विचार। जिले में बाढ़ के हालात बेकाबू हो गए हैं। कई इलाकों में कोसी कहर बरपा रही है। लेकिन रामगंगा अभी तक शांत थी, हालांकि जलस्तर लगातार बढ़ रहा था।
गुरुवार को रामगंगा का जल तहसील क्षेत्र के गांव ढकुरिया के खेतों में घुस गया। इससे ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। हालांकि बाढ़ से निपटने के लिए तहसील प्रशासन ने कमर कस ली है। क्षेत्र में छह बाढ़ चोकियां बनाई गईं हैं। साथ ही अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा कर रहे हैं। इन चौकियों पर राजस्वकर्मियों को गांव की स्थिति पर नजर रखने के लिए तैनात कर दिया गया है। जिससे आपात स्थिति में ग्रामीणों को सुरक्षा प्रबंध उपलब्ध करा सकें। लेकिन शाहबाद तहसील क्षेत्र में छह बाढ़ चोकियां स्थापित होने के बाबजूद भी यहां पर कोई भी गोताखोर और नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। यदि ऐसे में कोई हादसा हो जाता है, तो तहसील प्रशासन रामपुर में तैनात एसडीआरएफ फ़ोर्स का सहारे हैं।
बता दें कि अल्मोड़ा रानीखेत के पहाड़ों की ओर से आ रही कोसी नदी के उफान आने से कोसी का पूरा पानी रामगंगा में मिल गया है। इसलिए रामगंगा में खतरा बढ़ा है। रामनगर बैराज से जो पानी छोड़ा गया है वह कोसी नदी में रामपुर आकर जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर पटवाई के पास मदारपुर में रामगंगा में मिल जाता है। यहीं से रामगंगा में खतरा बढ़ गया है जोकि बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और फरुर्खाबाद तक खतरा बना हुआ है।
तहसील में नहीं है कोई प्रशिक्षित गोताखोर
जिले में आयी भीषण बाढ़ के कहर से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई बाढ़ प्रभावित गांव ऐसे हैं जहां नदी कटान करते हुए आबादी के काफी करीब आ गई है। जिसको लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ऐसे बाढ़ के माहौल में भी तहसील स्तर एक भी प्रशिक्षित गोताखोर एवं नाव नहीं हैं।
यहां बनी बाढ़ चोकियां
तहसील के 211 में से 78 गांवों में बाढ़ का प्रकोप रहता है। यदि बाढ़ आई तो क्षेत्र के 78 गांव प्रभावित होंगे। जिनमें बचाव के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में छह बाढ़ चोकियां स्थापित की गई हैं। जिनमें शाहबाद तहसील मुख्यालय, कूप चौराहा प्रा वि, पटवाई पंचायत घर, रेवड़ीकला राजकीय इण्टर कॉलेज, सैफनी किसान सेवा सहकारी समिति एवं चन्दपुरा कलां बेसिक स्कूल में बाढ़ चोकियां स्थापित की गई हैं। सभी चोकियों पर लाउडस्पीकर लगाए गए हैं,ताकी बाढ़ आने पर गांव बालों को सूचित किया जा सके।
बाढ़ से निपटने के लिए तहसील स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गईं हैं। जिसके लिए छह बाढ़ चोकियां बनाई गईं हैं, साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातर दौरा किया जा रहा है। वर्तमान समय में तहसील में कोई नाव और तैराक नहीं है। आपात स्थिति में रामपुर में तैनात एसडीआरएफ फ़ोर्स से मदद ली जायेगी। दिनेश कुमार,तहसीलदार
