लखीमपुर-खीरी: चैका नदी में पुल से टकराकर नाव पलटी, महिला की मौत, दो बच्चे लापता
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। थाना खीरी क्षेत्र में गुरुवार को चैका नदी में पुल के पिलर से टकराकर नाव पलटने से 20 लोग बह गए। सूचना पर पहुंचे बाढ़ व बचाव राहत दल ने एक महिला का शव निकाल लिया। 12 लोगों ने तैरकर किसी तरह अपनी जान बचाई, जबकि रेस्क्यू टीम ने ग्रामीणों की मदद …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। थाना खीरी क्षेत्र में गुरुवार को चैका नदी में पुल के पिलर से टकराकर नाव पलटने से 20 लोग बह गए। सूचना पर पहुंचे बाढ़ व बचाव राहत दल ने एक महिला का शव निकाल लिया। 12 लोगों ने तैरकर किसी तरह अपनी जान बचाई, जबकि रेस्क्यू टीम ने ग्रामीणों की मदद से पांच लोगों कड़ी मशक्कत कर नदी से बाहर निकाल लिया। दो बच्चों का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। बचाव एवं राहत दल बच्चों की खोजबीन में जुटा है। नाव सवार सभी लोग गांव नौवापुर से नकहा बाजार सामान खरीदने आ रहे थे। जिले में अलग-अलग स्थानों पर 27 घंटे में हुए चार नाव हादसों से लोग सहम उठे हैं।
हादसा गुरुवार की दोपहर करीब एक बजे हुआ। थाना खीरी के गांव नौवापुर के ग्रामीण नाव से चैका नदी पार कर नकहा बाजार साग-सब्जी और जरूरत का सामान खरीदने आ रहे थे। नाव पर 20 लोग सवार थे। इनमें दो किशोरवय बच्चे भी शामिल थे। बताते हैं कि चैका नदी वतर्मान समय में बेतहाशा पानी बढ़ने से उफान पर है। नाव जब बीच नदी में पहुंची तो वह पानी के उफान से नाविक नाव को संभाल नहीं सका और तेज धार में नाव बहने लगी। इससे नाव में सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही पल में तेज वेग से जा रही नाव पुल के पिलर से टकराकर पलट गई।
नाव पलटते देख नदी के किनारे मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही नौवापुर गांव में अफरा-तफरी मच गई। जिसने हादसा सुना वह मौके की तरफ दौड़ पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंचे बाढ़ एवं बचाव राहत दल ने ग्रामीणों के साथ रेस्क्यू किया। सूचना पाकर एसडीएम सदर भी ट्रैक्टर पर सवार होकर किसी तरह मौके पर पहुंचे। एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में टीमें बहे लोगों को स्टीमर से तलाश करने में जुट गईं।
टीमों ने पांच लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल बाहर निकाल लिया, जबकि 12 नाव सवार तैराक होने के कारण किसी तरह से तैरकर सुरिक्षत किया। रेस्क्यू टीम ने नाव सवार नौवापुर निवासी शिव प्यारी (60) पत्नी छत्रपाल गौतम का शव बरामद कर लिया। नाव में सवार गांव के ही रिंकू के पुत्र जितिन (5) और अनामिका (4) लापता है। दोनों गांव के अन्य लोगों के साथ नकहा आ रहे थे।
हादसा दोपहर करीब एक बजे हुआ था। नाव पर 20 लोग सवार थे। सभी नकहा आ रहे थे। रेस्क्यू टीम ने ग्रामीण स्तर पर 17 लोगों को बचा लिया है। शिव प्यारी नाम की महिला का शव बरामद हो गया है। नाव में सवार दो बच्चे जितिन और अनामिका भी लापता हैं। जिनकी तलाश कराई जा रही है। -डॉ. अरविंद कुमार चैरसिया, डीएम
27 घंटे में चार बड़े नाव हादसों से दहल उठे जिलेवासी
बनबसा बैराज से दो दिन पहले पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद जिले में बाढ़ के हालात काफी भयावह हो गए हैं। पूरा जिला भयंकर बाढ़ की चपेट में है। इसी बीच धौरहरा और सदर तहसील क्षेत्र में 27 घंटे के भीतर अलग-अलग स्थानों पर चार नाव हादसे हुए। जिनमें अब तक महिला समेत दो लोगों की मौत हो चुकी है। दो बच्चे ही लापता हैं। नाव हादसों से जिले के लोग दहल उठे हैं। उत्तराखंड में हुई भारी बारिश के बाद बनबसा बैराज से दो दिन पहले छोड़े गए पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी से जिले की सभी नदियां उफान पर हैं।
शारदा नदी जहां पलिया, फूलबेहड़, निघासन क्षेत्र में तबाही मचा रही हैं। वहीं शारदा और घाघरा की धौरहरा क्षेत्र में विनाशलीला जारी है। भारत-नेपाल सीमा के मध्य कोतवाली तिकुनियां क्षेत्र में बह रही मोहाना और कणार्ली नदियों के उफनाए जाने से सीमावतीर् गांव पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं। इसके अलावा सुहेली, जौराहा, उल्ल और चैका नदियां भी उफान पर चल रही हैं। बुधवार को तहसील धौरहरा क्षेत्र के थाना ईसानगर क्षेत्र में घाघरा नदी में एक साथ चल रहीं दो नावें पलट गई थी, जिसमें मिजार्पुर के ग्रामीण सवार थे। सभी खेत देखने नदी के उस पार जा रहे थे। दूसरा हादसा इस घटना के करीब दो घंटे बाद परौरी गांव के पास हुआ था। सेना के हेलीकॉप्टर ने आकर रेस्क्यू किया था।
गनीमत यह रही थी कि इन तीनों हादसों में एक ग्रामीण की मौत हो गई थी, जबकि अन्य सभी लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से सकुशल बचा लिया था। इस तीन हादसों को हुए 27 घंटे ही बीत पाए थे कि दोपहर करीब एक बजे तहसील सदर के थाना खीरी क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। नकहा क्षेत्र में नाव पलटने से गांव नौवापुर निवासी 20 लोग बह गए थे। इस हादसे में एक महिला की जान चली गई और दो बच्चे लापता हैं। 27 घंटे के भीतर जिले में चार बड़े नाव हादसा होने से जिले के लोग दहल उठे हैं।
रात के अंधेरे में लखीमपुर खीरी में चलाया बाढ़ बचाव अभियान
पिछले दिनों में उत्तराखंड और नेपाल में अत्यधिक वषार् होने से नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि हुई है, जिसके चलते नेपाल से लगे हुए जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है प् राहत व बचाव कायोर्ं के लिए एनडीआरएफ की टीमें प्रशासन के साथ लगातार राहत बचाव कायोर्ं में जुटी हुई हैं।
बुधवार देर रात प्रशासन को सूचना मिली कि घाघरा नदी के उफान के कारण लखीमपुर के धौरहरा में देवमानिया गांव के आठ लोग घाघरा नदी के उस पार खेतों में अचानक घाघरा का जलस्तर बढ़ जाने से बाढ़ के पानी से घिर गए। घटना की सूचना प्रशासन द्वारा एनडीआरएफ को दी गई। सूचना मिलते ही कमांडेंट मनोज कुमार शमार् के निर्देशन पर बाढ़ आपदा बचाव के लिए तैनात लखनऊ एनडीआरएफ टीम को नीरज कुमार, उप सेनानायक के नेतृत्व में रवाना किया गया।
टीम घटनास्थल पर पहुंची तो देखा गया कि घाघरा का जल प्रवाह बहुत तेज था और रात में बचाव अभियान चलाने के लिए स्थिति बहुत चुनौतीपूणर् थी। लेकिन टीम इन तमाम बाधाओं को पार कर मदद का इंतजार कर रहे लोगों के पास पहुंची और बाढ़ में फंसे सभी 8 पुरुष एवं 2 पशुधन को बचाकर मोटर बोट के माध्यम से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। प्रशासन व स्थानीय लोगों ने एनडीआरएफ के त्वरित कायर्वाही और तत्परता दिखाते हुए बचाव कायोर्ं की बहुत प्रशंसा की।
बाइक पर सवार होकर रात परौरी गांव पहुंचे कमिश्नर
लखनऊ मंडलायुक्त रंजन कुमार बुधवार की रात लखीमपुर पहुंचे। वह ग्रामीण की बाइक पर सवार होकर रात करीब 11रू00 बजे ग्राम पंचायत परौरी पहुंची, जहां नाव हादसे के बाद रेक्स्यू टीम ऑपरेशन चला रहीं थीं। कमिश्नर ने रेस्क्यू आमें रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। नदी के दूसरी ओर फसे 06 ग्रामीण दरोगा, गणपत, दीनानाथ, विनोद, जगन्नाथ, बृजलाल को रेस्क्यू करके एनडीआरएफ टीन लेकर बाहर आई। रेस्क्यू करके लाए गए ग्रामीणों से कमिश्नर ने उनका कुशलक्षेम जाना। कमिश्नर ने प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
