ताइवान का समर्थन करने पर उत्तर कोरिया ने की अमेरिका की निंदा

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सियोल। उत्तर कोरिया ने शनिवार को बाइडन प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह बिना सोचे समझे ताइवान का समर्थन करके चीन के साथ सैन्य तनाव बढ़ा रहा है। उसने कहा कि क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती सैन्य उपस्थिति उत्तर कोरिया के लिए संभावित खतरा उत्पन्न कर रही है। सरकारी मीडिया में उत्तर कोरिया के उप …

सियोल। उत्तर कोरिया ने शनिवार को बाइडन प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह बिना सोचे समझे ताइवान का समर्थन करके चीन के साथ सैन्य तनाव बढ़ा रहा है। उसने कहा कि क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती सैन्य उपस्थिति उत्तर कोरिया के लिए संभावित खतरा उत्पन्न कर रही है।

सरकारी मीडिया में उत्तर कोरिया के उप विदेश मंत्री पाक म्यांग हो के हवाले से कहा गया कि उन्होंने ताइवान जलडमरूमध्य में युद्धपोत भेजने और ताइवान को आधुनिक हथियार प्रणाली एवं सैन्य प्रशिक्षण देने पर अमेरिका की आलोचना की है। इसमें कहा गया कि ताइवान से संबंधित मुद्दे जिन्हें उत्तर कोरिया पूरी तरह से चीन का आंतरिक मामला मानता है, उनमें अमेरिका के ‘अविवेकपूर्ण हस्तक्षेप’ से कोरियाई प्रायद्वीप की संवेदनशील स्थिति के और बिगड़ने का खतरा है।

पाक के बयान से एक दिन पहले राष्ट्रपति जो बाइडन ने सीएनएन टाउनहॉल कार्यक्रम में कहा था कि चीन से हमले का खतरा होने पर अमेरिका ताइवान की रक्षा करने के लिए कृतसंकल्पित है। एशिया प्रशांत क्षेत्र में, प्योंगयांग के प्रमुख सहयोगी और आर्थिक मददगार चीन के साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिका के क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा भूमिका में आने की उत्तर कोरिया आलोचना करता रहा है।

पिछले महीने, बाइडन प्रशासन द्वारा ऑस्ट्रेलिया को परमाणु हथियार सम्पन्न पनडुब्बियां देने के फैसले के बाद उत्तर कोरिया ने जवाबी कदम उठाने की धमकी दी थी।

पाक ने कहा, ”यह सर्वविदित तथ्य है कि अमेरिकी सैनिकों और (दक्षिण कोरिया में) उनके सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल चीन पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है और ताईवान के निकट अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के सैन्य जमावड़े किसी भी समय उत्तर कोरिया को सैन्य अभियान के जरिए निशाना बना सकते हैं।” उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी नीत शत्रुतापूर्ण ताकतों की ओर से बढ़ता सैन्य जमावड़ा इस खोखले आधार पर किया जा रहा है कि ताइवान और कोरियाई प्रायद्वीप में उत्तर कोरिया और चीन संकट पैदा कर सकते हैं।

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