बरेली: एक मीटर घटा रामगंगा का पानी, दुश्वारियां बरकरार

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बरेली, अमृत विचार। खतरे के निशान तक पहुंचने के बाद रविवार को चौबारी में रामगंगा नदी का जलस्तर एक मीटर घट गया। इससे जिला प्रशासन के साथ बाढ़ खंड के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है लेकिन दुश्वारियों के साथ खतरा अभी बरकरार है। बाढ़ खंड विभाग के अधिकारियों ने सुबह 10 बजे 161.350 …

बरेली, अमृत विचार। खतरे के निशान तक पहुंचने के बाद रविवार को चौबारी में रामगंगा नदी का जलस्तर एक मीटर घट गया। इससे जिला प्रशासन के साथ बाढ़ खंड के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है लेकिन दुश्वारियों के साथ खतरा अभी बरकरार है। बाढ़ खंड विभाग के अधिकारियों ने सुबह 10 बजे 161.350 मीटर जलस्तर रिकार्ड किया।

रामगंगा का शनिवार को जलस्तर 162.130 मीटर रिकार्ड किया था। शनिवार सुबह बढ़े जलस्तर की वजह से गोटिया मोहर सिंह तटबंध एवं भगवानपुर रुकमपुर तटबंध और बदायूं सिंचाई परियोजना में निर्मित दायां एफ्लक्स बंध संवेदनशील स्थिति में आ गए। हालांकि अभी भी स्थिति बहुत ज्यादा सामान्य नहीं मान सकते। नदी के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाला एरिया अभी भी जलमग्न है। रविवार को बाढ़ खंड की ओर से मुख्य अभियंता (पूर्वी गंगा) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को लिखित सूचना देकर अवगत कराया कि रामगंगा नदी जनपद बरेली की तहसील मीरगंज, आंवला, सदर व फरीदपुर में लगभग 75 किलोमीटर लंबाई में बहती है।

शनिवार को चौबारी में रामगंगा नदी का जलस्तर सुबह 8 बजे 162.130 मीटर था। पहाड़ों पर हुई भारी वर्षा एवं अन्य जनपदों में हुई वर्षा के कारण बरेली में कालागढ़ बांध से पानी छोड़ने एवं हरेवली बैराज, पीली डैम, खो बैराज, फीका बैराज, ढेला बैराज, लालपुर बीयर, कैमरी बीयर, भाखड़ा नदी, किच्छा नदी आदि नदियों का पानी आने से रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा था। इससे सिंचाई विभाग के दोनों तटबंध और बदायूं सिंचाई परियोजना के बंध को नुकसान पहुंचाने की आशंका अभी बनी हुई है। पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले कुछ गांवों में पानी होने के बावजूद जलभराव की दिक्कत बनी हुई है।टो- एस-114 नंबर
फोटो-एस-118 नंबर

बाकरगंज में पानी कम हुआ पर कीचड़ ने दिक्कतें बढ़ाईं
बाकरगंज में पानी कम होने से लोगों की दिक्कतें कम हुईं लेकिन पानी रहने से कीचड़ हो गयी है। इसकी वजह से लोगों को निकलने में तमाम समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। किला नदी पर बने अस्थायी रास्ते पर पानी कम हो गया। इससे बाइकों से लोग आवाजाही कर रहे हैं लेकिन जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर लोग डरे भी हैं। यहां पर नदी के दोनों तरफ से रस्सी बांधकर ही लोगों को निकाला जा रहा है। बाकरगंज पुलिस की टीम हर वक्त तैनात है ताकि कोई नदी की गहराई तक न जा पाए।

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