अगले महीने लगेगी लखनऊ-फर्रुखाबाद इंडस्ट्रियल एस्टेट पर मोहर
लखनऊ। नवंबर उद्यमियों के लिए खुशखबरी ला सकता है। क्योंकि केंद्रीय लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योग मंत्रालय की संचालन समिति दस नवंबर को लखनऊ और फर्रुखाबाद में नए इंडस्टि्रयल एस्टेट की अनुमति दे सकती है। यही नहीं इस समिति आगरा और कानपुर में फ्लैट फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को भी मंजूरी दे सकती है। इसके लिए राज्य …
लखनऊ। नवंबर उद्यमियों के लिए खुशखबरी ला सकता है। क्योंकि केंद्रीय लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योग मंत्रालय की संचालन समिति दस नवंबर को लखनऊ और फर्रुखाबाद में नए इंडस्टि्रयल एस्टेट की अनुमति दे सकती है। यही नहीं इस समिति आगरा और कानपुर में फ्लैट फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को भी मंजूरी दे सकती है। इसके लिए राज्य सरकार के स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।
प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए प्रदेश सरकार ने कई कदम उठाए हैं। खासकर उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई तरह के कॉरीडोर आदि भी बनाए जा रहे हैं। लखनऊ जिस तरह से आगे बढ़ रहा है, उसे देखते हुए यहां नए औद्योगिक क्षेत्र की जरूरत महसूस की जा रही है। यह देखते हुए प्रदेश सरकार के एमएसएमई विभाग ने लखनऊ और फर्रुखाबाद में नए औद्योगिक क्षेत्र का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज रखा है। इस योजना में केंद्र सरकार से अनेक वित्तीय मदद भी मिलनी है।
ऐसे में अपर सचिव एमएसएमई डॉ. नवनीत सहगल ने एक दिन पहले ही एमएसई-सीडीपी योजना के तहत भारत सरकार को प्रस्तुत परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 10 नवंबर को होने वाली 56वीं राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति की बैठक में प्रदेश की चार परियोजनाओं को मंजूरी हेतु शामिल किया गया है। लखनऊ और फर्रुखाबाद में औद्योगिक क्षेत्र के अलावा आगरा व कानपुर में फ्लैट फैक्ट्री कॉम्पलेक्स को भी मंजूरी मिल सकती है।
हर जिले में हो एक-एक फ्लैट फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स
राज्य सरकार अब हर जिले में एक-एक फ्लैट फैक्टरी कांप्लेक्स की तैयारी कर रही है। इससे खासकर कम लागत वाले छोटे उद्यमियों को राहत मिल सकती है। क्योंकि इससे न केवल उन्हें एक ही छत के नीचे अपने उद्योग से संबंधित सामग्री मिल जाएगी, बल्कि कम स्थान में सुविधाएं भी मिलेंगी। जिसका खर्च भी कम आएगा।
