बरेली: जीका वायरस को लेकर रैपिड रिस्पांस टीम करेगी सर्वेक्षण
बरेली, अमृत विचार। कानपुर जिले में पहला जीका वायरस का मरीज मिलने के बाद शासन से मिले के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बलवीर सिंह ने अर्बन पीएचसी, सीएचसी-पीएचसी पर तैनात चिकित्साधिकारियों को बीमारी से बचाव के लिए सभी क्षेत्रों में फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव करने …
बरेली, अमृत विचार। कानपुर जिले में पहला जीका वायरस का मरीज मिलने के बाद शासन से मिले के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बलवीर सिंह ने अर्बन पीएचसी, सीएचसी-पीएचसी पर तैनात चिकित्साधिकारियों को बीमारी से बचाव के लिए सभी क्षेत्रों में फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव करने को कहा है।
शासन की गाइडलाइन के अनुसार जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से रैपिड रिस्पांस टीम बनाई जाए जो घर-घर जाकर बुखार पीड़ित लोगों को चिन्हित करेगी। मरीजो में संदिग्ध लक्षण मिलने पर उनकी जांच कर उनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। अगर किसी मरीज में जीका वायरस की पुष्टि होती है तो उसे 14 दिनों तक अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। जिला मलेरिया अधिकारी डीआर सिंह ने बताया कि जिले में फिलहाल अब तक जीका वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है।
जीका वायरस में डेंगू के समान लक्षण
माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट डा. राहुल गोयल ने बताया कि जीका वायरस से पीड़ित मरीज को जोड़ों में भीषण दर्द होता है। आंखों में जलन के साथ कीचड़ आने की शिकायत होती है। जीका विषाणु फ्लाविविरिड विषाणु परिवार से है। यह एक प्रकार का बुखार है। इसके लक्षण डेंगू की तरह ही होते हैं। इसमें बुखार, लाल आंखें, जोड़ों में दर्द, सिर दर्द के साथ लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। यह काफी खतरनाक वायरस है।
