लखनऊ: पुलिस विभाग के बजट में दो गुना हुई वृद्धि
लखनऊ। यूपी पुलिस को और अधिक चुस्त-दुरूस्त बनाने और अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त किए जाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के मद्देनजर आगामी वित्तीय 2022-23 में प्रस्तावित व्यय के विश्लेषण एवं औचित्य पर गृह विभाग में उच्च स्तरीय बैठक में मंथन हुआ। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और …
लखनऊ। यूपी पुलिस को और अधिक चुस्त-दुरूस्त बनाने और अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त किए जाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के मद्देनजर आगामी वित्तीय 2022-23 में प्रस्तावित व्यय के विश्लेषण एवं औचित्य पर गृह विभाग में उच्च स्तरीय बैठक में मंथन हुआ।
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल के समक्ष मंगलवार को लोकभवन स्थित गृह विभाग के कमांड सेंटर में अपर पुलिस महानिदेशक पीएचक्यू बीपी जोगदण्ड ने पुलिस विभाग के लिए विभिन्न मदों में प्रस्तावित बजट की धनराशि और उसके औचित्य का विस्तृत प्रस्तुतीकरण हुआ। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पुलिस विभाग के कुल बजट में करीब दो गुनी वृद्धि हुई है।
2017-18 में जहां कुल बजट की धनराशि 16239.92 करोड़ रुपए थी, वो बढ़कर 2021-22 में 30105.98 करोड़ रुपए हो गई है। आगामी वित्तीय 2022-23 में पुलिस विभाग के अनुदान संख्या 26 तहत 41236 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि का व्यय प्रस्तावित किया गया है, जो 2021-22 के सापेक्ष 36.97 प्रतिशत अधिक है।
प्रस्तावित बजट में तहसील स्तर तक अग्निशमन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं को प्राथमिकता के आधार पर जरूरी संसाधनों से लैस करने का प्रयास है। साथ ही प्रदेश में नवनिर्मित होने वाले यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फारेंसिक साइंसेज लखनऊ की शीघ्र स्थापना को गति देने के साथ-साथ एसटीएफ, एटीएस और अभिसूचना तंत्र को मजबूत करने पर भी विशेष बल दिया गया है। यूपी 112 को भी और अधिक चुस्त-दुरूस्त बनाया जाएगा। वहीं वर्तमान सरकार ने अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता देने के कारण निर्माण कार्यों के बजट में चार गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। साथ ही 1.43 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की नई भर्ती की गई है। बैठक में पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल के अलावा गृह विभाग और पुलिस विभाग की विभिन्न इकाईयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
