मुरादाबाद : अहोई अष्टमी पर बन रहा महासंयोग, होगा शुभफलदायी
मुरादाबाद, अमृत विचार। संतान की दीर्घायु के लिए अहोई माता का व्रत गुरुवार को रखा जाएगा। इस बार अहोई अष्टमी और भी ज्यादा खास है, क्योंकि ज्योतिषाचार्य पंडित केदार मुरारी के अनुसार इस बार अहोई अष्टमी के दिन एक साथ तीन शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है जो बेहद ही शुभफलदायी रहेगा। अमृत सिद्धि …
मुरादाबाद, अमृत विचार। संतान की दीर्घायु के लिए अहोई माता का व्रत गुरुवार को रखा जाएगा। इस बार अहोई अष्टमी और भी ज्यादा खास है, क्योंकि ज्योतिषाचार्य पंडित केदार मुरारी के अनुसार इस बार अहोई अष्टमी के दिन एक साथ तीन शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है जो बेहद ही शुभफलदायी रहेगा।
अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और गुरु-पुष्य योग बन रहे हैं। इसी के साथ इस दिन चंद्रमा स्वयं के स्वामित्व वाली राशि कर्क में रहेंगे। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को अहोई अष्टमी का व्रत मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु के लिए व्रत कर तारों को अर्घ्य देकर अहोई माता की पूजा करती हैं। कहते हैं कि जो निसंतान है वो अगर अहोई अष्टमी का व्रत करें तो उनकी गोद भर जाती है।
अहोई अष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त
पूजा का शुभ समय व मुहूर्त – शाम को 05 बजकर 39 मिनट से 06 बजकर 56 मिनट तक।
पूजा की अवधि – 01 घंटा 17 मिनट तक।
अहोई अष्टमी व्रत की पूजा विधि
ज्योतिषाचार्य पंडित केदार मुरारी का कहना है कि सुबह को जल्दी उठकर स्नानादि कर व्रत का संकल्प लें। शाम को अहोई अष्टमी की पूजा करें। अहोई माता का चित्र बनाया जाता है और विधि विधान से उनका पूजन करें। तारों को अर्घ्य दें। अहोई माता से प्रार्थना करें कि उनकी कृपा दृष्टि आपकी सभी संतान पर बनी रहे। पौराणिक कथा के अनुसार अहोई माता बच्चों की सुरक्षा करती है। इसलिए माताएं इनकी पूजा अर्चना करती है।
खरीदारी के लिए भी है शुभ
इस संयोग में खरीदी हुई चीजें अक्षय फल प्रदान करती हैं। यह मुहूर्त कई सालों के बाद बन रहा है। इस दिन पुष्य नक्षत्र और गुरुवार का योग गुरु-पुष्य अमृत योग लग रहा है। इस दिन खरीदारी करने के लिए बहुत ही शुभ माना गया है। इस दिन नूतन चीजों को खरीदना, संरक्षित करना जीवन में उन्नति के द्वार खोलता है।
