रायबरेली: स्कूली बच्चों के अभिभावकों के खाते में आएंगे 1100 रुपए, जानें पूरा मामला
रायबरेली। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की ड्रेस और बस्ते को लेकर हमेशा विवाद उठता रहा है। साथ ठेकेदारी प्रथा के कारण विभागीय स्तर पर बड़ा खेल होता रहता है। इसका नतीजा यह होता है कि बच्चों को जो ड्रेस, जूता और बस्ते मिलते हैं। वह चार माह में ही फट जाते हैं। धांधली के इस …
रायबरेली। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की ड्रेस और बस्ते को लेकर हमेशा विवाद उठता रहा है। साथ ठेकेदारी प्रथा के कारण विभागीय स्तर पर बड़ा खेल होता रहता है। इसका नतीजा यह होता है कि बच्चों को जो ड्रेस, जूता और बस्ते मिलते हैं। वह चार माह में ही फट जाते हैं।
धांधली के इस खेल को बंद करने के लिए सरकार ने पहली बार पूरे प्रदेश में ड्रेस, जूता, मोजा और बस्ता की खरीद के लिए डीबीटी व्यवस्था लागू कर दी है। इसके चलते बच्चों के अभिभावकों के खाते में पैसा पहुंचेगा और वह मनचाहा बस्ता, ड्रेस और जूता-मोजा अपने बच्चे के लिए खरीद सकेंगे।
जिले में बेसिक शिक्षा के अंतर्गत 2.90 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इस समय बच्चों को पाठ्य पुस्तक तो मिल गई हैं लेकिन बस्ता, ड्रेस और जूता-मोजा नहीं मिल सके हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने डीबीटी के तहत 2.32 लाख अभिभावकों के खाते फीड हो चुके हैं। इसमें 40 हजार अभिभावकों की आधार फीडिंग, बैंक खाता संख्या क्रास चेकिंग में गलत पाए गए हैं। जिस कारण इन अभिभावकों को फिर से डीबीटी में फीडिंग कराने को कहा गया है।
खाते में पहुंचेगा 1100 रुपए
डीबीटी के जरिए 1100 रुपए अभिभावकों के खाते पहुंचेगा। जिससे बच्चे के लिए ड्रेस, जूता, मोजा, स्वेटर, बस्ता खरीदा जाएगा।
1100 रुपए में कैसे मिलेगी बढ़िया ड्रेस और जूते?
सरकार ने 1100 रुपए हर अभिभावक के खाते में पहुंचाने की व्यवस्था की है, लेकिन दिक्कत यह है कि क्या 1100 रुपये में ड्रेस, जूता, मोजा, बस्ता और स्वेटर मिल सकेगा। बाजार में इस समय बस्ते की कीमत 100 से 150 रुपए हैं। जूते की कीमत 300 से 350 रुपए हैं। स्वेटर की कीमत 400 रुपए हैं। ड्रेस की कीमत सिलाई सहित 600 रुपया है। ऐसे में तय है कि अभिभावकों को अपनी जेब से भी पैसा खर्च करना होगा।
डीबीटी के जरिए बच्चों के जूता, मोजा, ड्रेस और बस्ता की खरीद होगी। अभिभावकों के खातों की फीडिंग का काम तेजी से चल रहा है। नवंबर में सभी अभिभावकों के खाते में पैसे पहुंच जाएंगे।
