बरेली: वन विभाग ने प्रतिबंधित समझकर पकड़े 300 पक्षी
बरेली, अमृत विचार। शहर में कई स्थानों पर पक्षियों का बाजार लगता है। बुधवार को वन विभाग की टीम ने प्रतिबंधित पक्षियों को बेचे जाने की सूचना पर जिला परिषद के पास छापा मारा। टीम को देखने के बाद वहां भगदड़ मच गई। पिंजरों में बंद करके अलग-अलग प्रजातियों के पक्षी बेच रहे लोग भाग …
बरेली, अमृत विचार। शहर में कई स्थानों पर पक्षियों का बाजार लगता है। बुधवार को वन विभाग की टीम ने प्रतिबंधित पक्षियों को बेचे जाने की सूचना पर जिला परिषद के पास छापा मारा। टीम को देखने के बाद वहां भगदड़ मच गई। पिंजरों में बंद करके अलग-अलग प्रजातियों के पक्षी बेच रहे लोग भाग खड़े हुए।
करीब 300 पक्षियों को वन विभाग की टीम ने अपने कब्जे में ले लिया। इनमें जावा स्पैरो, लव बर्ड, बजरी, गुनिया जैसी प्रजातियों के पक्षी थे। इन सभी पक्षियों को वन विभाग के प्रभागीय वन निदेशक कार्यालय लेकर आया गया। इस दौरान एक पक्षी बेचने वाला व्यक्ति भी कार्यालय पहुंच गया और कुछ प्रजातियों को बेचने की छूट की अनुमति होने की बात कही और बताया कि तत्कालीन डीएफओ ने जावा स्पैरो, लव बर्ड, बजरी, गुनिया जैसी प्रजातियों को बेचने की अनुमति दी थी। पक्षी विक्रेता द्वारा इससे संबंधित कागज भी दिखाए।
छूट वाले पक्षी पहचानने में हुई चूक
हैरानी की बात यह है कि अधिकतर पक्षी वाइल्ड लाइफ एक्ट से बाहर की प्रजातियों के थे और वन विभाग की टीम भी इन्हें नहीं पहचान पाई। एसडीओ एसके अमरेश ने बताया कि इन पक्षियों को उड़ा दिया गया। इनमें अधिकतर छूट वाली प्रजाति के थे। जो पक्षी उड़ नहीं पाए उन्हे वापस पिंजरे में डाल दिया गया। एसडीओ ने कार्रवाई के दौरान प्रतिबंधित पक्षियों और छूट वाले पक्षियों को पहचानने में चूक होने की बात भी कबूली।
