रामपुर : नवेद मियां के शक्ति प्रदर्शन से शहर सीट पर सियासी हलचल बढ़ी
रामपुर, अमृत विचार। प्रतिज्ञा यात्रा के बहाने पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां द्वारा शहर में अपनी ताकत का अहसास कराने से सियासी हलचल बढ़ी है। रोड शो और सभा में जुटी भीड़ से पहली बार शहर विधान सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नवेद मियां के हौसले बुलंद हुए …
रामपुर, अमृत विचार। प्रतिज्ञा यात्रा के बहाने पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां द्वारा शहर में अपनी ताकत का अहसास कराने से सियासी हलचल बढ़ी है। रोड शो और सभा में जुटी भीड़ से पहली बार शहर विधान सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नवेद मियां के हौसले बुलंद हुए हैं।
बुधवार को कांग्रेस की प्रतिज्ञा यात्रा रामपुर आई थी। देर रात्रि पूर्व मंत्री नवेद मियां ने इस यात्रा का नेतृत्व कर रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद और पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी को स्टार चौराहे से शहर में दाखिल होते ही बस से उतार लिया और 3 किलोमीटर पैदल चलकर कर शुतरखाना तक पहुंचे। रास्ते में जगह- जगह स्वागत से पार्टी नेता भी खुश नजर आए। रास्ते को कांग्रेस के झण्डों से सजाया गया था।
शाहबाद गेट, हाथीखाना चौराहा, बाजार नसरुल्ला खां और दोमहला पर स्वागत करने वाली भीड़ ने नेताओं पर फूल बरसाए और आतिशबाजी भी की। जलसे में भीड़ देखकर सलमान खुर्शीद समेत सभी नेताओं ने कांग्रेस के वचन गिनाए और विरोधी दलों का कच्चा चिट्ठा पेश किया। नेताओं ने नवेद मियां की जमकर प्रशंसा भी की।
नवेद मियां और हमज़ा मियां बोले- ‘हम बदलेंगे शहर का निजाम, दिलाएंगे मुश्किलों से निजात’
शुतरखाना चौराहे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की मौजूदगी में आयोजित जलसे में भीड़ से मुखातिब पूर्व मंत्री नवेद मियां और उनके बेटे हमजा मियां ने मस्जिद की तरफ हाथ उठाकर लोगों को यकीन दिलाया कि हम बदलेंगे शहर का निजाम और दिलाएंगे मुश्किलों से निजात। नवेद मियां ने कहा कि इस शहर में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। पढ़े लिखे लोग रिक्शा चला रहे हैं।
सांसद-विधायक निधि के पैसे से विकास के प्रस्ताव तक नहीं दिए गए। जेल में जाने वालों पर कुदरत की मार है, क्योंकि उन्होंने जुल्म ढाये थे। एनआरसी के मुद्दे पर विधायक घर से बाहर नहीं निकलीं। इस सियासी यतीमी को दूर करने के लिए मैदान में आए हैं। हमजा मियां कहा कि नवाब हामिद अली खां ने बांध नहीं बनवाया होता तो आज शहर डूब गया होता। उन्होंने निशाना साधा कि अंदरग्राउंड बिजली और सीवर से लोगों को बहुत नुकसान है। मंच से पूर्व विधायक अफरोज अली खां और पूर्व चेयरमैन रेशमा बी ने भी विरोधियों पर निशाना साधा।
पहली बार नवाब खानदान की नजर शहर सीट पर
ऐसा पहली बार होगा जब नवाब खानदान का कोई व्यक्ति शहर सीट से चुनाव लड़ेगा। आजादी के बाद से अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के वारिसों का राजनीति में दखल रहा है। उनके बेटे नवाब मुर्तजा अली खां विधायक रहे थे। नवाब जुल्फिकार अली खां उर्फ मिक्की मियां एक बार विधायक और 6 बार सांसद रहे। बेगम नूरबानो दो बार सांसद बनीं। नवेद मियां पांच बार विधायक और मंत्री रहे। लेकिन अब पहली बार नवाब खानदान की नजर शहर सीट पर है। पूर्व मंत्री के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि शहर क्षेत्र में नूर महल का जनाधार है। लोग चाहते हैं कि नवेद मियां इस सीट से चुनाव लड़ें।
