लखीमपुर हिंसाः डीएम का तबादला, महेंद्र बहादुर नए डीएम बने

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लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। तिकुनियां में हुई हिंसा मामले में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 दिन बाद आखिरकार डीएम डॉ अरविंद कुमार चैरसिया को हटा दिया है। उनकी जगह महेंद्र बहादुर सिंह को नया जिलाधिकारी बनाया है। सूत्रों ने बताया कि डीएम पर कार्रवाई होने के बाद अब …

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। तिकुनियां में हुई हिंसा मामले में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 दिन बाद आखिरकार डीएम डॉ अरविंद कुमार चैरसिया को हटा दिया है। उनकी जगह महेंद्र बहादुर सिंह को नया जिलाधिकारी बनाया है। सूत्रों ने बताया कि डीएम पर कार्रवाई होने के बाद अब एसपी, एएसपी और तीन सीओ पर भी गाज गिरना तय है। क्योंकि जिस वक्त हिंसा भड़की, उस वक्त एएसपी सहित तीनों सीओ मौके पर मौजूद थे। पुलिस अफसरों के सामने ही किसानों की भीड़ में शामिल कुछ प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यकर्ताों की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर रहे थे, लेकिन पुलिस अधिकारी चार युवकों की हत्याएं खड़े होकर देखते रहे थे।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पैतृक गांव बनवीरपुर में उनके पिता अंब्रिका प्रसाद मिश्र की स्मृति में हर साल की तरह तीन अक्टूबर को दंगल प्रतियोगिता हुई थी, जिसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी शामिल होना था। इधर उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के तिकुनियां आने पर हजारों की संख्या में किसान संगठन काले झंडे लेकर तीन कृषि कानून और केंद्रीय मंत्री की किसानों के प्रति की गई टिप्पणी के विरोध में काले झंडे लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। दोपहर करीब तीन बजे केंद्रीय मंत्री की महिंद्रा थार गाड़ी से कुचलकर चार किसानों की मौत के बाद हिंसा भड़क गई थी।

किसानों के प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। दो वाहनों को आग लगा दी थी। यह सारा वाक्या एएसपी और वहां मौजूद तीन सीओ के सामने हुआ था। पुलिस अधिकारी खामोश खड़े होकर हत्या होते देखते रहे। इसकी वजह प्रशासन की भारी चूक रही थी। प्रशासन हजारों की तादात में सुबह से ही पहुंचे प्रदर्शनकारियों की भीड़ और उनके तेवरों को आंकने में फेल साबित हुआ था। पर्याप्त पुलिस बल न होने के कारण हिंसा ने बड़ा रूप ले लिया था। हिंसा के बाद लोग पुलिस की कार्यशैली पर उंगली उठा रहे हैं। उधर तिकुनियां कांड को लेकर देश भर में धरना-प्रदर्शन हुआ। लोग सरकार और प्रशासनिक मशीनरी पर उंगली उठाते रहे।

तिकुनियां कांड को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब एक्शन में दिख रहे हैं। उन्होंने तिकुनियां हिंसा और बाढ़ के दौरान हालात संभालने में प्रशासन की नाकामी पर डीएम डॉ अरविंद कुमार चैरिसया को हटा दिया है। महेंद्र बहादुर सिंह लखीमपुर खीरी के नए डीएम बनाए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री हिंसा के दौरान पुलिस सामने आई लापरावही को लेकर काफी गंभीर है। जल्द ही एसपी विजय ढुल, एएसपी अरुण कुमार सिंह और हिंसा के दौरान मौजूद तीन सीअ ो पर भी गाज गिर सकती है। शासन स्तर पर इसकी कवायद चल रही है।

जिले में महज 4 महीने 24 दिन रहा कार्यकाल
जिलाधिकारी डॉ अरविंद कुमार चैरसिया का शासन ने 28 अक्तूबर को ट्रांसफर कर दिया। उन्होंने चार जून 2021 को जिले का कार्य भार ग्रहण किया था। जिलाधिकारी डॉ अरविंद कुमार चैरसिया को इतने कम समय में जिले से ट्रांसफर के पीछे का मुख्य कारण जिले में बहुचर्चित तिकुनियां हिंसा, धान खरीद को सुचारु रूप से न चला पाना और बाढ़ के दौरान प्रशासनिक शिथिलता बड़ा कारण बताया जा रहा । वहीं जिले के नए जिलाधिकारी बनाए गए महेंद्र बहादुर सिंह 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के सुजानपुर गांव के निवासी हैं। इसके पहले बांदा और रामपुर में जिलाधिकारी के पद पर रह चुके हैं। जनसुनवाई और उसके निस्तारण में बेहतर काम करने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें सम्मानित भी कर चुकी है।

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