महिला शिक्षक अभ्यर्थियों का झलका दर्द, एक बार फिर खून से पत्र लिखकर लगाई गुहार

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लखनऊ। निशातगंज स्थित एससीईआरटी पर अभ्यर्थियों के धरना प्रदर्शन में महिला अभ्यर्थियों का छलका दर्द बेसिक शिक्षा निदेशालय पर बीते चार महीने से प्रदर्शन कर 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अपने आंदोलन को कमजोर नहीं पड़ने देना चाहते हैं। अभ्यर्थियों ने अपने खून से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर मांगें मान जाने …

लखनऊ। निशातगंज स्थित एससीईआरटी पर अभ्यर्थियों के धरना प्रदर्शन में महिला अभ्यर्थियों का छलका दर्द बेसिक शिक्षा निदेशालय पर बीते चार महीने से प्रदर्शन कर 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अपने आंदोलन को कमजोर नहीं पड़ने देना चाहते हैं। अभ्यर्थियों ने अपने खून से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर मांगें मान जाने की अपील की है।

बता दें, बीते सोमवार को भी एक ने पत्र लिखा गया था। सुनवाई ना होने के कारण फिर से इसी सिलसिले में महिलाओं ने अपने खून से पत्र लिख डाला।

असल में, बेसिक शिक्षा निदेशालय पर चार महीने से अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने सीएम योगी को लिखा पत्र लिखा है कि अभ्यर्थी चार माह से भूख-प्यास सहते हुए धरना दे रहे हैं। हमारी भूल को क्षमा करें और एक लाख 37 हजार 500 के समस्त रिक्त पदों पर हम योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिलाएं। पत्र में अभ्यर्थियों ने कहा कि शिक्षकों के पद खाली दावेदार उपलब्ध तो आनाकानी क्यों की जा रही है।

ये था पूरा मामला

शिक्षक भर्ती आरक्षण की गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भी चर्चा में आ चुकी है। अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रदेश सरकार ने जल्द जांच करवाकर चयन से बाहर हो गए पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी थी। अभ्यर्थियों का आरोप था कि 69000 शिक्षक भर्ती में पिछड़े अभ्यर्थियों के लगभग 6000 पदों पर घोटाला हुआ है। साल 2019 में आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में कई लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिसमें से लगभग एक लाख 40 हजार अभ्यर्थी पास हुए थे।

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