बहुचर्चित आशीष हत्याकांड में सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास

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हरदोई। हरदोई। वर्ष 2010 में दिनदहाड़े नगर में हुए बहुचर्चित आशीष हत्याकांड में अन्ततः फैसला आया और अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार सिंह ने आरोप सिद्ध पाए जाने पर सात अभियुक्तों को अर्थदण्ड के साथ आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया। वादी मुकदमा बृजकिशोर गुप्ता निवासी आवास विकास कालोनी थाना कोतवाली शहर के द्वारा …

हरदोई। हरदोई। वर्ष 2010 में दिनदहाड़े नगर में हुए बहुचर्चित आशीष हत्याकांड में अन्ततः फैसला आया और अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार सिंह ने आरोप सिद्ध पाए जाने पर सात अभियुक्तों को अर्थदण्ड के साथ आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया।

वादी मुकदमा बृजकिशोर गुप्ता निवासी आवास विकास कालोनी थाना कोतवाली शहर के द्वारा 27 जनवरी 2010 को दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार उसका पुत्र आशीष एक दिन पहले शाम को अपने मित्र के पिता की दुर्घटना की खबर सुन कर उन्हें देखने जिला अस्पताल गया था और वापस नही लौटा।

इसके बाद वादी ने पुत्र की मोटरसाइकिल सांडी रोड पर मिलने के बाद अपहरण की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस द्वारा प्रकरण में विवेचना के बाद आशीष का शव अंकुर तिवारी के निर्माणाधीन मकान से बरामद कर आरोपपत्र प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों एवं शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर त्रिपाठी व वादी अधिवक्ता इंद्रेश्वर नाथ गुप्ता तथा बचावपक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अभियुक्तों इन्द्रेश गुप्ता पुत्र सुरेन्द्र पाल गुप्ता, रविपाल पुत्र नत्थूलाल, हनी उर्फ अंकित जायसवाल पुत्र अशोक जायसवाल, मनीष अग्निहोत्री पुत्र श्यामसुंदर, मोनू उर्फ रोहित सक्सेना पुत्र प्रवीण सक्सेना, दीपू गुप्ता पुत्र अनिल गुप्ता एवं पुनीत गुप्ता पुत्र सूर्यप्रकाश को अलग अलग 55 हजार रुपए के अर्थदण्ड के साथ आजीवन कारावास की सजा दी। अर्थदण्ड में से आधी धनराशि वादी मुकदमा को देने का भी आदेश दिया।

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