मुरादाबाद : रोशनी के साथ इस बार घर भी महकाएंगे दिवाली के दीये
मुरादाबाद, अमृत विचार। वक्त के साथ दिवाली का त्योहार भी हाईटेक होता जा रहा है। साज-सज्जा के सामान के साथ ही अब दियों का आकार और सुंदरता भी बदल रही है। दशकों से दिवाली की पहचान बने मिट्टी के दियों के अलावा अब बाजार में कंक्रीट, गोबर और मोम के दियों ने अपनी पकड़ मजबूत …
मुरादाबाद, अमृत विचार। वक्त के साथ दिवाली का त्योहार भी हाईटेक होता जा रहा है। साज-सज्जा के सामान के साथ ही अब दियों का आकार और सुंदरता भी बदल रही है। दशकों से दिवाली की पहचान बने मिट्टी के दियों के अलावा अब बाजार में कंक्रीट, गोबर और मोम के दियों ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। आकर्षक डिजाइन वाले कुछ दिये तो ऐसे हैं कि जलने के साथ ही अपनी भीनी-भीनी खुशबू से घर-आंगन को रोशन करने के साथ ही महकाएंगे।
मोम के दीये महकाएंगे घर
बाजारों में मोम के खुशबू वाले डिजाइनर दीपक की भी काफी मांग है। इसमें सिंगल दीपक से लेकर दीपक का सेट भी उपलब्ध है। सेट में फूलों के अलावा अन्य डिजाइन भी हैं। इनकी कीमत 10 रुपये से 500 रुपये तक है।

ताड़ी खाना चौहारा स्थित व्यापारी विवेक गुप्ता ने बताया कि रोशनी के पर्व को ध्यान में रखते हुए इस बार मोम में कई वेराइटी है। बताया कि कमल का दीया महिलाओं की पसंद बना हुआ है। इसकी कीमत 200 रुपये है। इसकी खास बात ये है कि यह कमल, गुलाब व पंचा की खुशबू से लैस है, जिसे महिलाएं माता लक्ष्मी को अर्पित कर जलाएंगी।
मिट्टी के डिजाइनर दीयों आ रहे पसंद
इस बार बाजार में मिट्टी के साधारण दीयों के साथ ही डिजाइनर दीयों की भी डिमांड बनी हुई है। लोगों की पसंद को देखते हुए कुम्हारों द्वारा अब मिट्टी के साधारण दीयों को भी आकर्षक रूप रंग दिया जा रहा है। कंजरी सराय स्थित व्यवसायी पर्वती ने बताया कि टेराकोटा से बने दीयों को रंगों के साथ गोटा से सजाया गया है।

घर में सजाई जाने वाली दीपमाला के साथ पांच मुखी और ग्यारह मुखी दीये रखने के लिए डिजाइनर दीये ग्राहकों की पहली पसंद बन रही है। बताया कि दीयों पर सूरजमुखी, गुलाब की पत्तियां व गोल्ड सेड में उकेरा गया है। इसकी कीमत प्रति दीया 10 से 15 रुपये है।

स्वदेशी झालरों व दीपों से जगमगाएंगे घर
मुरादाबाद। इस दिवाली पर स्वदेशी झालरों व दीपों से घर-आंगन जगमगाएगा। क्योंकि जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा देसी झालरों और दीपक तैयार किए जा रहे हैं। बहनों को अच्छा बाजार उपलब्ध कराने के लिए दीपोत्सव मेले में भी स्टॉल लगाए गए है। अधिकारी की माने, तो सेल्फ हेल्प ग्रुप देसी झालरें चाइनीज झालर को टक्कर देंगी। साथ ही बहुत सस्ती होंगी। डीडीओ गोविन्द वल्ल पाठक ने बताया कि शासन के निर्देश का पालन करते हुए समूह की बहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
