मुरादाबाद : रंग-बिरंगे चूहों से भगाए जाएंगे चूहे-छछूंदर, 19 तक चलेगा अभियान
मुरादाबाद, अमृत विचार। बात अटपटी भले ही लगे मगर है 16 आने सच। चूहों और छछूंदरों की तलाश में कृषि विभाग खेत-खेत और घर-घर तक जाएगा। रंग-बिरंगे चूहों के जरिए चूहों व छछूंदरों को भगाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए कवायद भी शुरू कर दी गई है। विभाग यह काम किसी खुशी या मजबूरी …
मुरादाबाद, अमृत विचार। बात अटपटी भले ही लगे मगर है 16 आने सच। चूहों और छछूंदरों की तलाश में कृषि विभाग खेत-खेत और घर-घर तक जाएगा। रंग-बिरंगे चूहों के जरिए चूहों व छछूंदरों को भगाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए कवायद भी शुरू कर दी गई है।
विभाग यह काम किसी खुशी या मजबूरी में नहीं, बल्कि सरकार द्वारा शुरू किए गए संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत खेत में फसल और घर में रखे अनाज को बर्बाद होने से बचाने के लिए करेगा। चूहे फसलें तो बर्बाद करते ही हैं, घरों व गोदामों में रखे अनाज और अन्य सामान को भी नहीं छोड़ते। किसान यह नुकसान अपनी आंखों से देखते हुए भी इनका कुछ नहीं बिगाड़ पाते। अब सरकार ने स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम व अन्य विभागों की तर्ज पर कृषि विभाग को चूहों और छछूंदरों को भगाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इस अभियान के तहत विभागीय अधिकारी व कर्मचारी खेत-खेत जाकर चूहे के बिल तलाशेंगे।
पहले दिन खेतों में चूहे के बिलों पर झंडी लगाकर चिह्नित करेंगे। दूसरे दिन बिलों को बंद करेंगे। जबकि तीसरे दिन खुले बिलों पर चूहों का पसंदीदा भोजन भुना बाजरा, चना, मक्का व भुने गेहूं के आटे की गोलियां बना कर रखेंगे। चौथे दिन 48 फीसद आटा, एक फीसद सरसों का तेल और एक प्रतिशत जिंक फास्फेट की गोलियां बनाकर बिलों पर रखेंगे। इसकी गैस से चूहा मर जाएगा या फिर खेत छोड़कर भाग जाएगा।
तीन विधियों में बांटा गया है अभियान
यह अभियान तीन विधियों रासायनिक, जैविक व यांत्रिक में बांटा गया है। रासायनिक विधि के तहत पहले दिन चूहों को आकर्षित करने वाले अमरूद खिलाकर लालच दिया जाएगा। दूसरे दिन में उनमें जिंक फास्फेट मिला कर रखा जाएगा। जैविक विधि के तहत घरों में बिल्ली पालने व सफेद चूहे पालने तथा यांत्रिक विधि के तहत चूहेदान लगा कर चूहे पकड़ने की कवायद की जाएगी। विभाग ने रेट किल ट्रैप कार्ड विधि के जरिए भी चूहों को पकड़ने की सलाह दी है। इस विधि से चूहा कार्ड पर चिपक जाएगा।
कृषि विभाग अपनाएगा यह फॉर्मूला
19 नवंबर, 2021 तक चलाए जाने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत कृषि विभाग ने छछूंदर भगाने का अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए नया फार्मूला इजाद किया गया है, जिसे अमलीजामा पहनाने के लिए एक चूहे को पकड़ कर उसे रंग-बिरंगा कर छोड़ दिया जाएगा। जिससे घर में रहने वाले देसी चूहे, रंग-बिरंगे इस चूहे को देखकर भाग जाएंगे। उनमें किसी विदेशी चूहे के आने का खौफ पैदा हो जाएगा।
विभाग ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। न्याय पंचायतवार कार्यक्रम तैयार किया गया है। इस अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए विभाग के 40 कर्मचारियों को लगाया गया है। 60 गांवों का सर्वेक्षण करा लिया गया है। अन्य न्याय पंचायतों में भी जल्द ही कर्मचारी सर्वे करने पहुंचेंगे। विकास कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी।
