बाराबंकी: टोकन वितरण में मनमानी को लेकर किसानों ने किया हंगामा

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Edited By Amrit Vichar
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बाराबंकी। दरियाबाद के विपणन केंद्र पर टोकन में मनमानी को लेकर काफी देर तक किसानों का हंगामा जारी रहा। सत्यापित पंजीकरण प्रपत्र के साथ खतौनी, आधार कार्ड की छायाप्रति होने के बावजूद किसान को मूलप्रति के लिए लौटाये जाने पर गहमागहमी का माहौल रहा। एसडीएम व जिला विपणन अधिकारी से शिकायत के बाद टोकन प्रक्रिया …

बाराबंकी। दरियाबाद के विपणन केंद्र पर टोकन में मनमानी को लेकर काफी देर तक किसानों का हंगामा जारी रहा। सत्यापित पंजीकरण प्रपत्र के साथ खतौनी, आधार कार्ड की छायाप्रति होने के बावजूद किसान को मूलप्रति के लिए लौटाये जाने पर गहमागहमी का माहौल रहा। एसडीएम व जिला विपणन अधिकारी से शिकायत के बाद टोकन प्रक्रिया शुरू की गई। पहले पहुंचे किसान मनमानी के कारण पीछे हो गए और बाद में आएं किसानों को आगे कर दिया गया। किसानों की भीड़ कई घंटे तक जमा रही। किसान टोकन वितरण की खामियों को लेकर अफसरों से शिकायत दर्ज कराते रहे।

सोमवार को विपणन केंद्र मथुरानगर में खरीद की शुरुआत के पहले दिन सुबह से ही किसान एकत्र हो गए। विपणन कार्यालय पर किसानों की भीड़ रही। एसएमआई सविता वर्मा खरीद केंद्र पर पहुंची। किसानों ने अपने पंजीकरण का सत्यापित प्रति, आधार कार्ड, खतौनी टोकन के लिए जमा किया। एसएमआई के साथ खरीद का काम देख रहे एक निजी कर्मी ने करीब 80 फीसदी कागजात की जांच करने के बाद किसानों को लौटाना शुरू कर दिया। किसी में सत्यापन पर सवाल उठाया, तो किसी में तहसील से मूल प्रति खतौनी व आधार कार्ड साथ लेकर हाजिर होने की बात कहकर लौटाया जाने लगा। टोकन देने में इस तरह किसानों को परेशान करने पर किसान भड़क उठे। किसानों ने इस तरह पहली बार टोकन देने पर नाराजगी जताई।

लेकिन निजी कर्मी ने अपनी मनमर्जी जारी रखी। जिसको लेकर किसान आक्रोशित हो उठे। किसानों ने एसडीएम, जिला विपणन खरीद अधिकारी से शिकायत दर्ज कराई। फिर छटनी के बाद जमा हुए प्रपत्रों पर टोकन देना शुरू हुआ। इसमें कई किसानों का आरोप है कि कागज ऊपर से नीचे करने से उन्हें पीछे कर दिया गया है। एसडीएम ने नायब तहसीलदार प्रज्ञा द्विवेदी को मौके पर भेजा। नायब तहसीलदार से किसानों ने शिकायत की। प्रपत्र में कमियां निकाल हटाने व 50 कुंतल ही खरीदने का आरोप लगाया। नायब तहसीलदार प्रज्ञा द्विवेदी ने किसानों की समस्या का समाधान किया व अपनी मौजूदगी में टोकन वितरण शुरू कराया। निजी कर्मी नायब तहसीलदार के सामने टोकन लगाता रहा। शिकायत कम नहीं हुई।

जिस पर उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट विजय त्रिवेदी भी धान क्रय केंद्र पर पहुँच गये । उन्होंने कहा कि शासन के दिशा निर्देशों का पालन होगा। टोकन लगाएं। और खरीद में 50 कुंतल की बाध्यता नहीं होगी। किसानों को क्रय केंद्र पर किसी प्रकार की परेशानी नही होने दी जाएगी । एसडीएम विजय त्रिवेदी ने किसान की समस्या सुनकर आश्वासन दिया । तो अन्नदाता भी गदगद हो गए। करीब दो बजे तक टोकन वितरण व्यवस्था नायब तहसीलदार प्रज्ञा द्विवेदी की देखरेख में जारी रही। यहां दोपहर तक खरीद चालू नही हो सकी। गोदाम साफ कराया जा रहा था। किसान निजी कर्मी से खरीद के संचालन को लेकर भी नाखुश नजर आएं।

विपणन अधिकारी के बिगड़े बोल

क्रय केंद्र पर धान बिक्री के टोकन लेने के इंतजार में जब वहां मौजूद प्राइवेट कर्मचारी के की कार्य प्रणाली पर किसानों ने आपत्ति जताई तो विपणन अधिकारी सविता वर्मा ने कहा मानव संशाधन विभाग में प्राइवेट आदमी से काम करवाने का नियम है ।

टोकन के इंतजार में अपमान का घूट पीता रहा किसान

जिन किसानों के हित के लिये सरकार ने विपणन अधिकारी को तैनात किया। की किसानों को कोई दिक्कत न हो और उनकी समस्याओं का समाधान हो उन्ही किसानों पर विपणन अधिकारी रौब झाड़ती दिखी। भले ही किसानों के सम्मान व अनदाता के सुखी होने की बात मौजूदा सरकार करती है। लेकिन केंद्र पर टोकन लेने आये किसानों के साथ विपणन अधिकारी सविता वर्मा ने जहां जमकर रौब झाड़ा है। वहीं किसानों को जमीन में बैठाकर उनका अपमान भी किया है। लेकिन अपनी उपज को बेचने के लिये दूसरी फसल को बोने की तैयारी के लिये घर के खर्च और बच्चो की पढ़ाई और अपनी मुफलिस को सोचकर किसान जमीन में बैठकर अपमान का घूट पीता रहा।

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