अदालत ने जेनेरिक दवा कंपनियों को दिए निर्देश- हृदय रोगों के इलाज में उपयोगी वाल्सर्टन और सैक्यूबिट्रिल दवा का नहीं करें निर्माण
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने विभिन्न जेनेरिक दवा कंपनियों को हृदय रोगों के इलाज में उपयोगी वाल्सर्टन और सैक्यूबिट्रिल टैबलेट के निर्माण या बिक्री पर रोक लगा दी है, क्योंकि इससे फार्मा कंपनी नोवार्टिस एजी के पेटेंट का उल्लंघन हो सकता है। नैटको फार्मा, टोरेंट फार्मास्युटिकल्स, एरिस लाइफसाइंसेज और विंडलास बायोटेक जैसी जेनेरिक दवा …
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने विभिन्न जेनेरिक दवा कंपनियों को हृदय रोगों के इलाज में उपयोगी वाल्सर्टन और सैक्यूबिट्रिल टैबलेट के निर्माण या बिक्री पर रोक लगा दी है, क्योंकि इससे फार्मा कंपनी नोवार्टिस एजी के पेटेंट का उल्लंघन हो सकता है। नैटको फार्मा, टोरेंट फार्मास्युटिकल्स, एरिस लाइफसाइंसेज और विंडलास बायोटेक जैसी जेनेरिक दवा कंपनियां वाल्सर्टन और सैक्यूबिट्रिल बनाती या बेचती हैं।
अदालत ने इन कंपनियों के खिलाफ निषेधाज्ञा आदेश पारित किया। नोवार्टिस 2016 से भारत में ”व्यामाडा” ब्रांड के तहत वाल्सर्टन और सैक्यूबिट्रिल टैबलेट बेच रही है। अदालत का आदेश नोवार्टिस की याचिका पर आया, जिसमें अन्य दवा कंपनियों को वाल्सर्टन और सैक्यूबिट्रिल के पेटेंट संयोजन के निर्माण या बिक्री से रोकने की मांग की गई थी।
न्यायमूर्ति जयंत नाथ ने कहा कि वादी के पक्ष में और सभी प्रतिवादियों के खिलाफ एक निषेधाज्ञा पारित की जाती है, जिसके तहत प्रतिवादियों, उनके एजेंटों पर किसी भी दवा संरचना में वाल्सर्टन और सैक्यूबिट्रिल के विनिर्माण, आयात, बिक्री आदि पर रोक है।
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