पीलीभीत: दिवाली से दो दिन पहले हुई धरपकड़ से मचा हड़कंप, पुलिस पर हमला करने में जेल जा चुके सट्टेबाज काे दबोचा
पीलीभीत, अमृत विचार। पुलिस पर हमला करने के आरोप में बीते साल जेल जा चुके शहर के शातिर सट्टेबाज को एक बार फिर एसओजी टीम की मदद से पुलिस ने धर दबोचा। उसके पास से इस बार सट्टे से जुड़ी बरामदगी तो नहीं हई, लेकिन 310 ग्राम चरस मिल गई। कई घंटे तक पुलिस उससे …
पीलीभीत, अमृत विचार। पुलिस पर हमला करने के आरोप में बीते साल जेल जा चुके शहर के शातिर सट्टेबाज को एक बार फिर एसओजी टीम की मदद से पुलिस ने धर दबोचा। उसके पास से इस बार सट्टे से जुड़ी बरामदगी तो नहीं हई, लेकिन 310 ग्राम चरस मिल गई।
कई घंटे तक पुलिस उससे सट्टे को लेकर पूछताछ करती रही। उसके बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया गया।शातिर सट्टेबाज की धरपकड़ की खबर शहर में फैलते ही उसके धंधे से जुड़े तमाम साथियों ने बचाव में जुट गए। कुछ तो शहर से ही बाहर निकल गए।
जनपद में सट्टे का धंधा बड़े पैमाने पर होता है। खादी और खाकी के संरक्षण में सट्टेबाज पनप रहे हैं। कई सफेदपोश पुलिस से सेटिंग कराने में लगे रहते हैं। कार्रवाई के नाम पर पुलिस छिटपुट धंधेबाजों की धरपकड़ में लगी रहती है। बीते दिनों एसपी दिनेश कुमार ने शहर में पनप रहे सट्टे के धंधे को लेकर सख्ती की थी।
उसके बाद एसओजी और थाना पुलिस काे धरपकड़ के निर्देश दे दिए थे। इसी दौरान शरीफ खां चौराहा के निवासी अमित उर्फ हिमांशु मिश्रा पुलिस के निशाने पर आ गया।काफी प्रयासों के बाद सोमवार रात उसे पुलिस ने नेहरू पार्क के पास से धर दबोचा। तलाशी लेने पर उसके पास से 310 ग्राम चरस बरामद हुई।
कोतवाली लाकर सख्ती से पूछताछ की गई।दूसरे दिन चालान कर जेल भेज दिया। कोतवाल अशाेक पाल ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया गया है। उसके पास से चरस बरामद हुई थी। पहले आरोपी पुलिस पर हमला करने और सट्टे के धंधे को लेकर भी जेल जा चुका है।उसका असलहा लाइसेंस भी निरस्त पूर्व में किया जा चुका है।
पिछले साल पुलिस पर किया था चाकू से हमला
पकड़े गए आरोपी हिमांशु मिश्रा और उसके तीन साथियों को जुलाई 2020 में तत्कालीन सीओ प्रवीण मलिक, तत्कालीन कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी ने पकड़ा था। पुलिस के दबिश देने के दौरान आरोपियों ने चाकू से पुलिस पर हमला किया था। सट्टे का धंधा करने से जुड़े तमाम साक्ष्य भी बरामद हुए थे।उसके बाद रिपोर्टदर्ज कर चारों आरोपियों को जेल भेज दिया था। हिमांशु के पास लाइसेंसी असलहा भी था। पुलिस की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के बाद उसक असलहा लाइसेंस निरस्त कर दिया था।
कई बड़े सटोरियों को अभी पुलिस दे रही छूट
शहर में अभी भी कई बड़े सट्टेबाज बेखौफ होकर धंधा चला रहा है। उन पर पुलिस की ओर से कोई सख्ती नहीं की गई है। वह कुछ पुलिसकर्मियों से सांठगांठ करके लगातार पैर पसार रहे हैं। उनकी मदद के लिए कुछ सफेदपोश भी लगे रहते हैं। अगर उन्हें पुलिस परेशान करे तो ये सफेदपोश सेटिंग कराने की भूमिका निभाते हैं।
ठेका चौकी क्षेत्र में ही सट्टे के कई धंधेबाज हैं। पूर्व में आईपीएल पर सट्टा लगाते पकड़े गए ठेका चौकी क्षेत्र के एक सट्टेबाज ने तो पूरा गिरोह बना लिया है। उसके अलावा इसी क्षेत्र के कई अन्य सट्टेबाज भी जोकि पूर्व में पुलिस पर हमला करने में जेल जा चुके हैं। बेखौफ होकर धंधा कर रहे हैं। युवा पीढ़ी जल्द धनवान बनने की चाहत में धंधे में लिप्त होती जा रही।
अभयदान देने में भी पीछे नहीं पीलीभीत पुलिस
इस बार भले ही पुलिस को हिमांशु मिश्रा की धरपकड़ के बाद सट्टे से जुड़ी सामग्री नहीं मिल सकी। मगर, पिछले साल जब उसे साथियों समेत दबोचा गया था तेा पुलिस को काफी सबूत मिले थे। मगर, उन पर गंभीरता से काम नहीं किया जा सका। कई रजिस्टर और मोबाइल पुलिस ने बरामदगी का दावा किया था।
करीब 200 ऐसे लोगों के नाम और नंबर मिले थे, जिनका सट्टे को लेकर हिसाब किताब लिखा था। दावा किया गया था कि इनकी पड़ताल करके सट्टे के धंधेबाजों पर शिकंजा कसा जाएगा।मगर, सीओ के तबादले के बाद पुलिस कार्रवाई भूल गई, सभी काे अभयदान दे दिया गया।
‘कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसके पास से चरस बरामद हुई थी। सट्टे के धंधेबाजों पर कार्रवाई के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।’
– सुनील दत्त, सीओ सिटी
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