सहारनपुर की नर्सरियों से गुलजार हो रहे हैं कई राज्य

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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला नर्सरियों का हब बन गया है। देश के कई राज्यों में यहां की नर्सियों में उगाये गये वृक्ष महक फैला रहे हैं। जिला उद्यान अधिकारी अरूण कुमार ने आज बताया कि जिले में 100 से ज्यादा पंजीकृत नर्सरियों हैं, 62 फलदार और टिंबर वाली और 45 फूलों की नर्सियां …

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला नर्सरियों का हब बन गया है। देश के कई राज्यों में यहां की नर्सियों में उगाये गये वृक्ष महक फैला रहे हैं। जिला उद्यान अधिकारी अरूण कुमार ने आज बताया कि जिले में 100 से ज्यादा पंजीकृत नर्सरियों हैं, 62 फलदार और टिंबर वाली और 45 फूलों की नर्सियां हैं। सहारनपुर में देशभर से बड़ी संख्या में पौधों की सप्लाई होती है। कस्बा चिलकाना स्थित प्रमुख नर्सरी के मालिक हिमांशु गर्ग ने बताया कि वह काफी वर्षों से इस कारोबार से जुड़े हैं।

उनके यहां से उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात आदि राज्यों को पौधों की सप्लाई होती है। उनके यहां हर प्रकार की पौध तैयार होती है। अंबाला रोड़ स्थित श्री शाकुम्बरी देवी नर्सरी के मालिक वीरसेन शर्मा ने बताया कि कई राज्यों के लोग फल, फूल, शोभाकारी और टिंबर के पौधे बड़ी संख्या में ले जाते हैं। जिला उद्यान अधिकारी अरूण कुमार ने बताया कि इमारती लकड़ी के पौधों की बड़ी संख्या में सप्लाई होती है।

आम, अमरूद, किन्नू, मालटा, संतरा, लीची, चीकू-आड़ू, जामुन की बड़ी मांग है। गुलाब के फूलों की बड़ी मात्रा में सप्लाई यहां से होती है। शागोन, शीशम, कदम, चिलकन, बरगद के पौधों की बड़ी मांग है। बेर, जमुन, कटहल, चीकू पश्चिमी बंगाल भेजे जाते हैं। आंध्र प्रदेश में यहां के कल्मी जामुन, अल्फांसों एवं मलिका आम के पौधे बड़ी मात्रा में मंगाए जाते हैं। सहारनपुर के करीब एक दर्जन कस्बों और गांवों में नर्सरियों का बढि़या कारोबार चल रहा है। इस बार बारीश के कारण गेंदे की पौध को भारी नुकसान हुआ है। गेंदे की बहार इस बार एक माह की देरी से आई है। दीपावली के मौके पर गेंदे के फूलों की सबसे ज्यादा मांग होती है।

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