बरेली: ठेकेदारों ने पूल बनाया फिर करोड़ों का काम लेकर फंसाया
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के तहत टेंडर लेकर काम करने वाले करीब दो दर्जन ठेकेदारों ने करोड़ों की लागत से हो रहे रोड निर्माण के कार्य ठप कर दिए हैं। टेंडर लेने में ठेकेदारों ने पूल बनाकर खेल खेला। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद काम शुरू नहीं किया। मेयर डा. उमेश गौतम ने …
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के तहत टेंडर लेकर काम करने वाले करीब दो दर्जन ठेकेदारों ने करोड़ों की लागत से हो रहे रोड निर्माण के कार्य ठप कर दिए हैं। टेंडर लेने में ठेकेदारों ने पूल बनाकर खेल खेला। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद काम शुरू नहीं किया। मेयर डा. उमेश गौतम ने एक बार फिर निर्माण विभाग के सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर आयुक्त को चिट्ठी भेजकर ठेकेदार की फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के लिए कहा है लेकिन इस पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
15वें वित्त आयोग की 3.50 करोड़ रुपये की धनराशि से कुर्मांचल नगर से बड़ी विहार होते हुए सौ फुटा रोड पर नाला, सड़क और संपवेल का निर्माण किया जाना था। इस कार्य के लिए नगर निगम ने मैसर्स जेपी भाटिया को टेंडर की स्वीकृत दी थी। 13 सितंबर से निर्माण कार्य शुरू करना था, लेकिन कार्य अब तक शुरू नहीं किया। मेयर डा. उमेश गौतम ने नगर आयुक्त अभिषेक आनंद को एक बार फिर से चिट्ठी लिखी है। पत्र में कहा गया है कि निर्माण कार्य न शुरू होने से क्षेत्रवासियों को जलभराव का सामना करना पड़ रहा है।
ठेकेदार को तत्काल निर्देश दें कि वो तीन दिन में काम शुरू करें वरना ठेका निरस्त कर ठेकेदार की फर्म को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। जबकि ठेकेदारों का कहना है कि निगम में शहरी सड़कों की हालत सुधारने के लिए करोड़ों रुपये के टेंडर को मंजूरी दी गई थी। इनसे शहर के अलग-अलग हिस्सों में हाटमिक्स, आरसीसी रोड का काम पूरा होना था। इसके लिए ठेकेदारों को बजट की पहली किस्त के तौर पर राशि जारी की गई थी। बजट से एक तिहाई काम पूरा होने के बाद से नई किस्त की मांग की जा रही थी। राशि जारी न होने पर ही मजबूरन काम ठप करना पड़ा।
कई मोहल्लों में अब तक नहीं बनीं पक्की सड़कें
नगर निगम अंतर्गत आने वाले कई वार्ड के मोहल्ले ऐसे हैं, जहां आज भी पक्की सड़क नहीं है। इन मोहल्लों के निवासी कच्ची व ऊबड़-खाबड़ मार्ग से ही आते-जाते हैं। बारिश होने पर कच्ची सड़क की हालत बदतर हो जाती है, जिससे लोग परेशान हैं। निगम ने कुछ सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए थे लेकिन ठेकेदार अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं, इसलिए निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं हो पा रहा है। जिससे वार्ड की जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।
अगले साल चुनाव, विकास कार्यों ने अब तक नहीं पकड़ी रफ्तार
नगर निगम सीमा में कुल 80 वार्ड हैं। कुछ वार्डों में सड़क और नाली की स्थिति बेहद खराब है। वार्डों में सड़कें संकरी हो गई हैं। कुछ वार्डों में उखड़ गई हैं, इसलिए सभी वार्ड में सड़कों का निर्माण किया जाना है। इसके साथ ही वार्डों में नालियों का निर्माण कार्य भी किया जाना है। नालियों की हालत खस्ता है। निगम द्वारा बनाई गई नालियों से पानी की निकासी नहीं हो पाती है जिससे नाली का पानी सड़क पर आ जाता है।
वर्जन-
सड़क-नाली का निर्माण कार्य निर्धारित समय पर नहीं हो रहा है। ठेकेदार टेंडर लेकर भूल गए हैं। ठेकेदारों पर निगम प्रशासन दबाव नहीं बना पा रहा है। यदि ठेकेदार निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं करते तो उनको ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा।
—डॉ. उमेश गौतम, मेयर
