बरेली: कानपुर में जीका के मरीज बढ़े, बरेली में नहीं कोई तैयारी
बरेली, अमृत विचार। कानपुर में जीका वायरस के 25 मरीज सामने आने के बाद खलबली मची हुई। कानपुर से बरेली में भी संक्रमण की स्थिति बनी हुई है। अगर एक भी संक्रमित यहां आ गया तो उसके जरिए दूसरों को जीका वायरस संक्रमित कर सकता है। बावजूद इसके अभी तक जिले में जांच की व्यवस्था …
बरेली, अमृत विचार। कानपुर में जीका वायरस के 25 मरीज सामने आने के बाद खलबली मची हुई। कानपुर से बरेली में भी संक्रमण की स्थिति बनी हुई है। अगर एक भी संक्रमित यहां आ गया तो उसके जरिए दूसरों को जीका वायरस संक्रमित कर सकता है। बावजूद इसके अभी तक जिले में जांच की व्यवस्था नहीं की गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जीका वायरस की स्क्रीनिंग के लिए सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे जाएंगे। वहां की रिपेार्ट आने के बाद ही जीका वायरस की पुष्टि हो सकेगी।
हाल ही में दस्तक अभियान खत्म हुआ है। इसमें घर-घर बुखार चेक कराने को टीमें बनाकर सघन अभियान चलाया गया था। अब जीका वायरस की दस्तक हुई है। ऐसे में बताया जा रहा है कि आशाओं की टीमें बनाकर डोर टू डोर बुखार जांचने की टीम बनाई जाएंगी। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जिस तरह के आसार चल रहे हैं उससे अब तक टीमों का गठन हो जाना चाहिए था। कुल मिलाकर जीका वायरस की जांच और रोकथाम के प्रयास मरीज सामने आने के बाद ही शुरू किए जा सकेंगे।
समान परिस्थिति में फैलता है जीका
जिस प्रकार से डेंगू फैलता है ठीक उसी प्रकार से जीका वायरस भी फैलता है। इसे भी एडीज मच्छर फैलाता है। यह मच्छर घर में एकत्र साफ पानी और गंदगी में पनपता है। इसका मरीज सामने आने के बाद पैराथ्रन और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया जाता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डा. राहुल बाजपेई ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को किसी मच्छर न काट लिया तो इस मच्छर के जरिए दूसरों में जीका का संक्रमण हो सकता है। क्योंकि जो भी मच्छर संक्रमित व्यक्ति को काटेगा तो वह भी चपेट में आ जाएगा। इसी तरह संक्रमित व्यक्ति अगर किसी से असुरक्षित यौन संबंध बनाता है तो वह भी जीका से संक्रमित हो जाएगा। संक्रमित व्यक्ति के खून के संपर्क में आने से भी जीका वायरस संबंधित को प्रभावित कर सकता है।
वर्जन
कानपुर में मरीज मिले हैं लेकिन बरेली में एक भी मामला सामने नही आया है। सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे जाएंगे। हालांकि अभी तक एक भी मरीज नही मिला है। संक्रमित आया तो फिर आशाओं की टीमों का गठन कर सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।
—देशराज सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी।
