रायबरेली: सई नदी बना खनन माफियाओं का गढ़, सफेदपोश और पुलिस के गठजोड़ से हो रहा खेल

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Edited By Amrit Vichar
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रायबरेली। परसदेपुर में सई नदी खनन माफियाओं का गढ़ बन गया है। खनन माफिया पुलिस और सफोदपोशों के गठजोड़ से सई नदी की गोदी को छलनी कर रहे हैं। हर दिन लाखों मीट्रिक टन बालू खनन की जा रही है और उसे गैर जनपद भेजा जा रहा है। शासन खनन माफियाओं पर रोक लगाने के …

रायबरेली। परसदेपुर में सई नदी खनन माफियाओं का गढ़ बन गया है। खनन माफिया पुलिस और सफोदपोशों के गठजोड़ से सई नदी की गोदी को छलनी कर रहे हैं। हर दिन लाखों मीट्रिक टन बालू खनन की जा रही है और उसे गैर जनपद भेजा जा रहा है।

शासन खनन माफियाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई का आदेश जारी कर चुकी है लेकिन परसदेपुर में ऐसा नहीं है। खनन माफियाओं को कानून का कोई भय नहीं है। कारण पुलिस खुद खेल का हिस्सा बनी हुई है। यही नहीं क्षेत्र के एक सफेदपोश की सरपरस्ती में खनन हो रहा है। रात में जेसीबी से बालू खनन किया जाता है, जिससे न केवल हादसे की संभावना बनी रहती है बल्कि सई नदी लिंक मार्ग भी खस्ताहाल हो गया है। मामले को लेकर प्रशासन अधिकारियों के पास शिकायत की गई लेकिन सफेदपोश की संलिप्तता के कारण खनन को रोका नहीं जा सका है।

खनन से नदी की तलहटी में बने जानलेवा गड्ढे

सई नदी में बालू की खनन होने से इसकी तलहटी में गहरे गड्ढे हो गए हैं जो किसी की भी जान ले सकते हैं। लोगों ने सई नदी के पास जाना भी बंद कर दिया है। कारण नदी की गहराई अधिक हो गई है और उसमें फंसने पर जान बचना मुश्किल है।

प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर जाती है बालू

अवैध खनन की गई बालू प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर जाती है। खनन माफिया बड़े भवन निर्माण ठेकेदारों और दुकानदारों को बालू बेचते हैं।

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