बरेली: पुलिस कहीं हत्यारों का दे रही साथ, तो कहीं समझौते का बना रही दबाव

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बरेली, अमृत विचार। अफसर चाहें कितनी भी ईमानदारी से काम करें लेकिन थानों और चौकी पर तैनात कई इंस्पेक्टर और दरोगा अपने काम को भूलकर सिर्फ सुविधा शुल्क वसूलने में लगे रहते हैं। पैसों के लिए वह आरोपियों की मदद करने को भी तैयार रहते हैं। वहीं नेताओं के लोगों पर अगर रिपोर्ट दर्ज हो …

बरेली, अमृत विचार। अफसर चाहें कितनी भी ईमानदारी से काम करें लेकिन थानों और चौकी पर तैनात कई इंस्पेक्टर और दरोगा अपने काम को भूलकर सिर्फ सुविधा शुल्क वसूलने में लगे रहते हैं। पैसों के लिए वह आरोपियों की मदद करने को भी तैयार रहते हैं। वहीं नेताओं के लोगों पर अगर रिपोर्ट दर्ज हो जाए तो वह जबरन उसमें समझौता करने का दबाव बनाते हैं। समझौता न करने पर शिकायतकर्ता को ही जेल भेजने की धमकी दे देते हैं। वहीं मन मुताबिक शिकायत न होने पर दरोगा और इंस्पेक्टर तहरीर तक बदलवा देते हैं। थाने चौकियों से इंसाफ न मिलने पर पीड़ितों को एसएसपी, आईजी और एडीजी के ऑफिसों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यही वजह है कि अधिकारियों के यहां पर फरियादियों की संख्या काफी अधिक हो जाती है।

केस एक: हत्यारोंपियों से मिल गई पुलिस
फरीदपुर के रहने वाले अभिषेक ने बताया कि उनके भाई आकाश उर्फ प्रेम निवासी नहरकोठी फरीदपुर थाना बहेड़ी की पेट्रोल डालकर 5 अप्रैल को हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने उनकी रिपोर्ट तो दर्ज कर ली लेकिन अब उन्हें बहेड़ी पुलिस से न्याय की उम्मीद नहीं है। उनका कहना है कि बहेड़ी पुलिस आरोपियों से मिल गई है। उन्होंने एसएसपी से मिलकर गुहार लगाई है कि उनकी मुकदमे की विवेचना किसी अन्य थाने से कराई जाए।

केस दो: पुलिस जबरन करवा रही समझौता
बिथरी चैनपुर के फरीदापुर निवासी भरत पुत्र राजकुमार ने बताया कि दिवाली के दिन वह राजीव राठौर और संजीव राठौर के घर के बाहर पटखे फोड़ रहे थे। इस बात से कुछ लोग नाराज हो गए और उनके साथ मारपीट कर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कर ली। लेकिन अब पुलिस उनके मामले में धारा बढ़ाने की जगह उनपर जबरन समझौता करने का दबाव बना रही है।

केस तीन: पुलिस में है पहचान मांगता है रंगदारी
बारादरी के सेमलखेड़ा के रहने वाले करामत ने बताया कि उनके मोहल्ले में एक दबंग किस्म का शराबी रहता है। वह जबरन उनसे 10 हजार रुपये रंगदारी मांग रहा है। मांग पूरी न होने पर वह उसे धमकाता है और मारपीट करता है। आरोपी की पुलिस में पहचान है। इसलिए शिकायत करने पर भी पुलिस उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। एक बार आरोपी ने उसपर तमंचा भी तान दिया। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसएसपी से की है।

पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगता है। मामले की जांच कराई जाती है। आरोप सही पाए जाने पर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।  —रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

 

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