बच्चों की यूनिफॉर्म खरीदने में नहीं चलेगी लापरवाही, प्रदेश सरकार ने की निगरानी की तैयारी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को यूनिफॉर्म दिलाने में लापरवाही नहीं हो सकेगी। अभिभावकों को खाते में पैसा मिलते ही खरीददारी करने होगी। मौजूदा समय में विद्यालयों में पढ़ने वाले 1.20 करोड़ छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खाते में 1100 रुपये की धनराशि भेजी …

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को यूनिफॉर्म दिलाने में लापरवाही नहीं हो सकेगी। अभिभावकों को खाते में पैसा मिलते ही खरीददारी करने होगी। मौजूदा समय में विद्यालयों में पढ़ने वाले 1.20 करोड़ छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खाते में 1100 रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी है। शेष 60 लाख से अधिक को धन भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है।

अभिभावक इस धन से बच्चों के लिए यूनीफार्म, स्कूल बैग, जूते-मोजे व स्वेटर खरीद सकेंगे। विभाग हर जिले में बच्चों को मिलने वाली सामग्री की निगरानी करेगा। योगी सरकार ने पहली पहली बार प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मुफ्त दी जाने वाली सामग्री खरीदने का जिम्मा अभिभावकों को सौंपा है। इससे उन्हें समय पर सारी सामग्री मिलेगी और उसकी गुणवत्ता पर सवाल भी नहीं उठेगा। इसके लिए बीते शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के खाते में राशि भेजे जाने की प्रक्रिया को हरी झंडी दिखाई थी।

20 लाख बच्चों का नहीं सत्यापित हो सका डाटा
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 20 लाख बच्चे अभी भी हैं जिनका तमाम निर्देशों के बाद भी डाटा अपलोड नहीं हो पाय है। ऐसे में अभी इस प्रक्रिया में समय लगेगा। जब तक डाटा अपलोड नहीं होगा तब तक अभिभावकों के खाते में पैसा भी नहीं पहुंच सकेगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिन जिलों में देरी हुई है वहां के बीईओ और बीएसए को तत्काल डाटा अपलोड कराने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं 40 लाख बच्चों को डाटा का सत्यापन जारी है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा अनामिका सिंह ने बताया कि जिन बच्चों के अभिभावकों के खाते में धन पहुंच गया है वे तत्परता से संबंधित सामग्री खरीद करके बच्चों को स्कूल भेजे।

समिति करेंगी अभिभावकों को प्रेरित
शिक्षा महानिदेशक ने बताया कि बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वो इसमें ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य व अन्य के साथ शिक्षा समिति की बैठक करके अभिभावकों को सामग्री खरीदने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने बताया कि विद्यालय के शिक्षक की ओर से अपलोड डेटा की प्रधानाध्यापक, खंड शिक्षा अधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी पड़ताल करके भेजते हैं, तब मुख्यालय से संबंधित के खाते में धन भेजने का निर्देश बैंक को भेजा जा रहा है। यह कार्य इसी सप्ताह पूरा कर लिया जाएगा।

इस तरह से तय की गई हैं कीमतें
दो जोड़ा यूनीफार्म : 600 रुपए
स्वेटर : 200 रुपए
जूता-मोजा : 125 रुपए
स्कूल बैग : 175 रुपए

संबंधित समाचार