कलीम हैं अयोध्या के दूसरे मोहम्मद शरीफ, नहर में डूबते 25 लोगों की बचा चुके हैं जान
अयोध्या। अभी एक दिन पहले ही पद्मश्री पाकर चर्चा में आये लाशों के मसीहा मोहम्मद शरीफ चचा के जनपदवासी कसीदे पढ़ ही रहे थे कि सुर्खियों में मोहम्मद कलीम भी आ गए। कलीम नहर में डूबते लोगों को बचाते ही नहीं बल्कि, उसमें पड़े शवों को निकाल पुलिस व लोगों की निस्वार्थ मदद करते हैं। …
अयोध्या। अभी एक दिन पहले ही पद्मश्री पाकर चर्चा में आये लाशों के मसीहा मोहम्मद शरीफ चचा के जनपदवासी कसीदे पढ़ ही रहे थे कि सुर्खियों में मोहम्मद कलीम भी आ गए। कलीम नहर में डूबते लोगों को बचाते ही नहीं बल्कि, उसमें पड़े शवों को निकाल पुलिस व लोगों की निस्वार्थ मदद करते हैं। कलीम अब तक 25 लोगों को नहर से जीवित व 250 लोगों के शव निकाल चुके हैं।
गंज थाना क्षेत्र के धनईचा पूरे मक्खू का पुरवा निवासी 65 वर्षीय कलीम अपने परिवार के साथ रहते हैं। कलीम के परिवार में तीन लड़के और चार लड़कियां हैं, जिसमें से दो बेटियों व एक बेटे की शादी हो चुकी है। कलीम के पास 1 बीघा के लगभग खेत है। वह मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते हैं। कलीम ने बताया कि वह नहर के अंदर 10 मिनट तक डुबकी लगाकर शव खोजते हैं। 100 मीटर तक की दूरी एक बार में तय कर लेते हैं। बता दें कि शारदा सहायक नहर पर घटौली पूरे कालू शुकुल के पास गत दिनों संदिग्ध परिस्थितियों में डूबी महिला और उसके बच्चे का शव निकालने के लिए वैसे तो स्थानीय पुलिस और एनडीआरएफ की टीम लगाई गई थी, लेकिन यह सफलता भी कलीम के हाथ लगी।
दोनों शव को कलीम ने ही निकाल कर बाहर किया। जबकि पिछले सप्ताह नंदौली के पास नहर में अज्ञात युवक का शव निकालते हुए कलीम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। कलीम अपने काम को करने के लिए इस कदर प्रतिबद्व हैं कि स्थानीय पुलिस या कोई आम आदमी जैसे ही उनको सूचना देता है तो वह फौरन ही नहर पर पहुंच जाते हैं। कुमारगंज खंडासा और बल्दीराय थाना क्षेत्र में नहर में डूबे लोगों को निकालने के लिए कलीम ही याद किये जाते हैं। इस काम के बदले में कलीम किसी प्रकार की इच्छा नहीं रखते हैं और नाहीं इसके बदले में वह किसी प्रकार का पैसा लेते हैं।
वह अपनी संतुष्टि और समाज सेवा के लिए लगातार इस कार्य को करते जा रहे हैं। कलीम के मानव सेवा के कारण स्थानीय लोग उन्हें बहुत ही सम्मान देते हैं, लेकिन शासन-प्रशासन के लोगों ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया है। जबकि इतने बड़े पैमाने पर मानवता की सेवा करने वाले कलीम पर मिल्कीपुर के लोगों को ही नहीं पूरे जिले को नाज है।
एसपी की घोषणा हवा-हवाई
तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा था कि ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। जिनको पुलिस विभाग की ओर से गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित करने के साथ पुरस्कृत किया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। उनकी घोषणा हवा-हवाई साबित हुई।
15 वर्षों से कर रहे मानवता की सेवा
नहर में अपने 6 वर्षीय बेटे के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में गिरी महिला के शव को नहर से निकालने वाले मोहम्मद कलीम अब तक 25 लोगों को नहर से जीवित निकाल चुके हैं। कलीम ने बताया कि वह लगभग 15 वर्षों से नहर में गिरने वाले लोगों का रेस्क्यू निस्वार्थ भाव से करते चले आ रहे हैं। जिसमें लगभग 250 शव नहर से निकाल चुके हैं और 25 लोगों की जिंदगी बचा चुके हैं। उन्हें इस बात का मलाल है की समय रहते ना पहुंच पाने के कारण तमाम लोग डूब जाते हैं।
