हरदोई: खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने मारा ताबड़तोड़ छापा
हरदोई। डीएपी खाद की किल्लत को लेकर किसानों को काफी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। वही खाद की कालाबाजारी करने वाले भी सक्रिय हैं। मंगलवार को जिला प्रशासन ने कालाबाजारी रोकने के लिए कई दुकानों पर छापेमारी की जिसमें तीन दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। निरीक्षण टीमों को देख कई खाद विक्रेता अपनी …
हरदोई। डीएपी खाद की किल्लत को लेकर किसानों को काफी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। वही खाद की कालाबाजारी करने वाले भी सक्रिय हैं। मंगलवार को जिला प्रशासन ने कालाबाजारी रोकने के लिए कई दुकानों पर छापेमारी की जिसमें तीन दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। निरीक्षण टीमों को देख कई खाद विक्रेता अपनी दुकानें बंद कर भाग गए। खाद की की कालाबाजारी को लेकर जिला प्रशासन ने मंगलवार को अभियान चलाया। पूरे जिले में अधिकारियों द्वारा खाद की दुकानों व सरकारी खाद विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कई खाद विक्रेता अपनी दुकानें बंद कर भाग गए। हरपालपुर के यादव खाद भंडार के दुकानदार अधिकारियों की टीम आते देख अपनी दुकान बंद कर भाग गए। जिस पर उनकी दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया इसी विकासखंड क्षेत्र में खसौरा स्थित वन स्टॉप एग्री जंक्शन पर टीम ने छापेमारी की। वहां पर खाद स्टाक व बिक्री रजिस्टर में गड़बड़ियां मिली गड़बड़ी मिलने पर दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
उप कृषि निदेशक डॉ नंदकिशोर ने विकासखंड सुरसा के कई खाद वितरण केंद्रों व खाद वितरण की दुकानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनुराग कृषि सेवा केंद्र तुर्तीपुर के खरीद बिक्री व स्टॉक रजिस्टर की प्रविष्टियों में अंतर पाया गया । जिस पर उनकी खाद की दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। जिला प्रशासन द्वारा किए गए खाद की दुकानों के निरीक्षण को लेकर गड़बड़ी करने वाले उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। कई जगह खाद के दुकानदार प्रशासन की टीमों को देखकर अपने प्रतिष्ठान बंद कर भाग गए। दुकानें बंद होने से किसानों को दिक्कतें उठानी पड़ी।
बताते चलें रवि की बुवाई के लिए डीएपी खाद की अत्यंत आवश्यकता होती है जिले में इन दिनों डीएपी खाद लेने के लिए किसानों के पसीने छूट रहे हैं। सरकारी वितरण केंद्रों पर कई कई दिन लोगों को लाइन में लगना पड़ रहा है। वहीं निजी दुकानदार उर्वरकों की बिक्री में कालाबाजारी कर रहे हैं। इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने छापेमारी का अभियान चलाया है।
