मुरादाबाद : जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़, 1800 से अधिक रोगी
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिला अस्पताल में बुधवार को भी ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। लाइन में आगे निकलने से मना करने पर कई महिला मरीज होमगार्ड से उलझ गईं। वहीं बुखार के मरीजों को चिकित्सक डेंगू के साथ कोरोना वायरस की जांच कराने का परामर्श भी दे रहे हैं। ओपीडी में बुधवार को 1458 …
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिला अस्पताल में बुधवार को भी ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। लाइन में आगे निकलने से मना करने पर कई महिला मरीज होमगार्ड से उलझ गईं। वहीं बुखार के मरीजों को चिकित्सक डेंगू के साथ कोरोना वायरस की जांच कराने का परामर्श भी दे रहे हैं।
ओपीडी में बुधवार को 1458 नये मरीज और छह सौ से अधिक पुराने पर्चे वाले मरीज जांच और इलाज के लिए पहुंचे। फिजिशियन डाँ एनके मिश्र, डाँ मोनिका सिंह ने बुखार से पीड़ित मरीजों को डेंगू और कोरोना की जांच कराकर रिपोर्ट दिखाने की सलाह दी। वरिष्ठ फिजिशियन डाँ एनके मिश्र का कहना है कि प्रदेश में कानपुर में जीका वायरस के कई केस मिले हैं।
इसके लक्षण भी डेंगू से मिलते जुलते हैं, इसलिए एहतियात के तौर पर कोविड जांच भी कराना मरीजों के हित में रहेगा। इसलिए उन्हें इसकी सलाह दी गई। इन दिनों त्योहारों के चलते सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ होने से कोरोना की आशंका बढ़ी है। जिससे सतर्कता बरतने के जरूरत है। वहीं पैथोलॉजी में सैंपल देने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। इमरजेंसी में मधुमेह जांच के लिए स्ट्रिप न होने की बात कह कई मरीजों को लौटाने से मरीजों में व्यवस्था के प्रति नाराजगी रही। हालांकि ओपीडी में कक्ष संख्या एक में सौ से अधिक मरीजों की मधुमेह जांच की गई।
दोपहर में जिला अस्पताल के कोरोना टीकाकरण केंद्र पर पसरा सन्नाटा
एक तरफ जहां कोरोना टीकाकरण में तेजी लाकर सौ फीसदी लक्ष्य हासिल करने पर चिकित्साधिकारी जोर दे रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल के टीकाकरण केंद्र पर दिन में ही सन्नाटा पसरा रहा। केंद्र पर चार में से तीन कक्ष खाली रहे। केवल एक कक्ष में ही चंद लोग टीकाकरण के लिए कतार में लगे थे।

दिन में दो बजे तक केंद्र पर 82 लोगों को टीका लगाया गया था। एएनएम बैठकर लोगों के आने की राह देख रहीं थीं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी दीपक वर्मा का कहना है शहर में 95 फीसदी लोगों का टीकाकरण हो चुका है। जिला अस्पताल के बूथ पर रात के दस बजे तक आनस्पाट टीकाकरण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां टीकाकरण कम हुआ है वहां अधिक फोकस किया जा रहा है।
