राजधानी में कलयुगी बेटे ने जमीन-जायदाद बचाने के लिए कर दी पिता की हत्या
लखनऊ। लोनहा गांव में किसान की हत्या का राज खुला तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। किसान के बेटे ने ही अपने पिता की हत्या कर दी थी। वह भी इसलिए क्योंकि वह सारी जमीन-जायदाद धीरे-धीरे बेचता जा रहा था। अपना भविष्य अंधकारमय देखकर बड़े बेटे ने अपने साथी के साथ मिलकर हत्या को अंजाम …
लखनऊ। लोनहा गांव में किसान की हत्या का राज खुला तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। किसान के बेटे ने ही अपने पिता की हत्या कर दी थी। वह भी इसलिए क्योंकि वह सारी जमीन-जायदाद धीरे-धीरे बेचता जा रहा था। अपना भविष्य अंधकारमय देखकर बड़े बेटे ने अपने साथी के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया।
बंथरा थाना क्षेत्र के 45 साल के लोनहा निवासी जगजीवन रावत अपने बड़े बेटे शिवा रावत उर्फ गोलू के साथ गांव से ही कुछ दूर गड़रियन खेड़ा में खेत में घर बना कर 10 सालों से रहता था। छोटा बेटा रितेश राजाजीपुरम में एक दुकान पर काम करता है और वहीं रहता भी है। बीते रविवार की रात घर के बाहर बरामदे में सो रहे जगजीवन की सिर कूच कर हत्या कर दी गई थी। बड़े बेटे शिवा ने सोमवार को अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस को छानबीन में जब कोई सुराग नहीं मिला तो उनका शक बेटे पर ही गया। सख्ती से पूछताछ हुई तो शिवा टूट गया और उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
बंथरा थाने के प्रभारी निरीक्षक धनंजय सिंह ने बताया कि जगजीवन रावत अपनी जमीन धीरे-धीरे बेच रहा था। इसका पैसा भी वह बेटों को बहुत कम देता था और नशे आदि पर खर्च कर डालता था। शिवा इस बात से परेशान था कि सारी जमीन खत्म होती जा रही है।
सोमवार को भी जगजीवन अपनी किसी जमीन की रजिस्ट्री करने जाने वाला था। शिवा के समझाने पर जब वह नहीं माना तो शिवा ने रविवार रात अपने दोस्त लोनहा निवासी संदीप रावत हत्या की योजना बनाई। संदीप ने सो रहे जगजीवन के पैर पकड़े और शिवा ने कुल्हाड़ी से उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
