पेरिस पीस फोरम: वयस्कों की तरह ही बच्चों को भी निजता का अधिकार है

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पेरिस। पेरिस में हुए सम्मेलन ‘पेरिस पीस फोरम’ में इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया ऐप और इंटरनेट क्षेत्र की बड़ी कंपनियों समेत कुछ विश्व नेताओं ने बच्चों के बेहतर ऑनलाइन संरक्षण के लिए वैश्विक आह्वान किया है। आंरभ में यह आह्वान फ्रांस और संयुक्त राष्ट्र की बच्चों के संरक्षण से जुड़ी एजेंसी …

पेरिस। पेरिस में हुए सम्मेलन ‘पेरिस पीस फोरम’ में इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया ऐप और इंटरनेट क्षेत्र की बड़ी कंपनियों समेत कुछ विश्व नेताओं ने बच्चों के बेहतर ऑनलाइन संरक्षण के लिए वैश्विक आह्वान किया है। आंरभ में यह आह्वान फ्रांस और संयुक्त राष्ट्र की बच्चों के संरक्षण से जुड़ी एजेंसी यूनिसेफ ने किया था।

इसमें कहा गया कि डिजिटल माहौल में, बच्चों के समक्ष नुकसानदायक और हिंसक सामग्री, हेरफेर की गई सूचना आ सकती है। वयस्कों की तरह ही बच्चों को भी निजता का अधिकार है जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। इसमें, तकनीक के कारण जो खतरे बढ़े हैं उनकी जानकारी दी गई है जिनमें साइबर धमकी, यौन उत्पीड़न, देह व्यापार, मानव तस्करी, यौन और लैंगिक हिंसा या ऑनलाइन माध्यम से हिंसक तरीके से कट्टरपंथ फैलाना शामिल है।

इस आह्वान पर अमेजन, गूगल और यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, स्नेपचैट और ट्विटर ने हस्ताक्षर किए हैं। गुरूवार से शुरू हुई ‘पेरिस पीस फोरम’ प्रत्यक्ष और डिजिटल दोनों ही तरीके से आयोजित हो रही है।

इसमें 30 राष्ट्र या शासन प्रमुख और अमेरिकी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस शामिल हो रहे हैं। इसमें जलवायु, कोविड-19 और डिजिटल रूपांतरण जैसे वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। बाल अधिकारों के पैरोकार इंटरनेट कंपनियों से बच्चों की रक्षा के लिए कदम उठाने की लंबे समय से मांग कर रहे हैं।

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