पीलीभीत: पारिवारिक कलह से तंग आकर सेवानिवृत्त शिक्षक के पुत्र ने फंदा लगाकर दी जान

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पीलीभीत, अमृत विचार। पारिवारिक कलह से तंग आकर एक युवक ने खुदकुशी कर ली। उसका शव अपने ही मकान में कपड़े से बने फंदे पर लटका मिला। दूसरे दिन जागने पर परिवार ने बेटे का शव लटका देखा तो चीख पुकार मच गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। परिवार …

पीलीभीत, अमृत विचार। पारिवारिक कलह से तंग आकर एक युवक ने खुदकुशी कर ली। उसका शव अपने ही मकान में कपड़े से बने फंदे पर लटका मिला। दूसरे दिन जागने पर परिवार ने बेटे का शव लटका देखा तो चीख पुकार मच गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। परिवार के कार्रवाई से इंकार करने पर पंचनामा भरकर शव को उनके सुपुर्द कर दिया। इसके बाद गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

शहर के मोहल्ला साहूकारा निवासी अशोक शर्मा सेवानिवृत्त शिक्षक है। उनके दो पुत्र अभिषेक और 34 वर्षीय विक्रांत थे। बृहस्पतिवार रात परिवार वाले खाना खाकर सोने चले गए। विक्रांत बरामदे के पास लेटा था। देर रात किसी वक़्त उसने खुदकुशी कर ली। शुक्रवार सुबह परिजन उठे तो विक्रांत का शव कपड़े से बने फंदे से लटका मिला।

यह देख परिवार में चीख पुकार मच गई। आसपास के लोग जमा हो गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। परिजन ने कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को परिजन के सुपुर्द कर दिया। फिर शव को पोस्टमार्टम कराए बिना शहर के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

दो दिन पहले ही तलाक की चर्चाएं
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बताया की युवक का लंबे समय से ससुराल से विवाद चल रहा था। पत्नी भी अलग रह रही थी। दोनों का तलाक का वाद न्यायालय में चल रहा था। बताते है कि दो तीन दिन पहले ही तलाक हो गया था। इसे लेकर भी वह परेशान बताया गया।

सबसे मिला..मगर कोई नहीं जान सका मन की बात
मृतक विक्रांत हंसमुख स्वभाव का था। वह गाड़ी चलाता था। इसके अलावा बीते दिनों डेयरी का भी काम किया था। बृहस्पतिवार को वह कई दोस्त और परिचितों से मिला था। बातचीत की थी। मगर कोई यह नहीं समझ पाया कि विक्रांत आत्मघाती कदम उठाने की ठान चुका है। शुक्रवार सुबह जब उन्हें खुदखुशी का पता चला तो होश उड़ गए। हर कोई गमगीन दिखे। उधर, घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सभी का रोकर बुरा हाल था।

‘सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गयी थी। परिवार वालों ने कार्रवाई से इनकार कर दिया। मानसिक रूप से परेशान होने की बात परिजन ने लिखकर दी है। पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। इस पर पंचनामा भरकर शव उनके सुपुर्द कर दिया था।’
– अशोक पाल, कोतवाल

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