बरेली में मां ने घोटा ममता का गला: रात भर घर से बाहर रहने की पूछी वजह तो तिलमिलाई पत्नी, अपने दो बच्चों को उतारा मौत के घाट, पति को भी बांके से मारा

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बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली में बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। एक बेहरम मां ने अपने दो मासूम बच्चों को गला घोंटकर मार डाला। वजह बताई गई पति पत्नी के बीच झगड़ा। परिवार के जब अन्य लोगों को पता चला तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने फिलहाल शव को …

बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली में बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। एक बेहरम मां ने अपने दो मासूम बच्चों को गला घोंटकर मार डाला। वजह बताई गई पति पत्नी के बीच झगड़ा। परिवार के जब अन्य लोगों को पता चला तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में हत्यारोपी महिला जयंती के पति बंटू की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हत्यारोपी मां जयंती को जेल भेज दिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। हैरत की बात है कि जयंती को अपने बच्चों को मारने का बिल्कुल भी दुख नहीं है।

घर से एक दिन गायब होने की वजह से हुआ था विवाद
दरअसल, भुता के मटकापुर गांव में रहने वाले बंटू के चार बच्चे है। बंटू और उसकी पत्नी जयंती के बीच आए दिन झगड़ा होता रहता था। झगड़े की वजह से ही वह अपने परिवार से अलग रहता था। परिजनों ने बताया कि बुधवार की शाम जयंती अपने घर से दो बच्चों को लेकर कहीं चली गई थी। पूरी रात घर पर नहीं लौटी जिसकी वजह से उसके पति बंटू को चिंता भी सताने लगी। गुरुवार सुबह जब वह घर लौटी तो बंटू ने पूछा कि कहां गई थी। इस पर उसने कुछ नहीं बताया। दोनों के बीच इसी बात पर झगड़ा हो गया। पूरे दिन झगड़ा चलता रहा। बताया जा रहा है कि उसने अपने पति बंटू को बांका भी मारा। जिसकी वजह से वह घायल हो गया।

ससुर आए और तो उन्हें भी डंडा लेकर दौड़ा दिया
जयंती के ससुर छेदालाल ने बताया कि वह अपने छोटे बेटे पप्पू के पास दिवाली पर फरीदपुर गए हुए थे। छेदालाल अपनी पत्नी प्रेमवती से भी अलग रहते है। प्रेमवती गांव में ही दूसरे मकान में रहती थी। छेदालाल कभी अपना खाना खुद बनाते तो कभी जयंती के यहां खा लेते। उन्होंने बताया कि जब गुरुवार शाम को घर लौटे तो जयंती ने उन्हें डंडा लेकर दौड़ा दिया। कहा कि वह उन्हें मार डालेगी। जिसके बाद वह भागते हुए गांव गए और गांव के लोगों ने उन्हें बचाया।

बंटू और ससुर ने मिलकर कमरे में जयंती को कर दिया बंद
गांव के पूर्व प्रधान रामचंद्र गंगवार ने बताया कि जयंती ने पहले तो अपने पति को बांके से मारा इसके बाद ससुर को भी डंडा लेकर दौड़ा दिया। किसी तरह से मामला शांत हुआ तो जयंती अपने कमरे में दोनों बच्चों को लेकर चली गई। इसके बाद उसके पति और ससुर ने कमरे में बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद बंटू अपनी मां के पास सोने चला गया। सुबह उसके ससुर छेदालाल पूर्व प्रधान के पास पहुंचे और कहा कि जयंती के कमरे का ताला खोल दें। उसका पति इसलिए नहीं खोल रहा क्योंकि वह डरा हुआ है कि वह फिर से बांके से उस पर वार न कर दे।

  • इसी चारपाई पर मां ने घोटा था अपने दोनों मासूमों का गला। अमृत विचार

कमरा खोला गया तो देखा दोनों बच्चे मरे हुए है
पूर्व प्रधान रामचंद्र ने बताया कि जब वह शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे कमरा खोलने गए तो उन्हें कमरे से कोई आहट सुनाई नहीं दी। न बच्चों के रोने की और उनके जगने की। जिसके बाद उन्होंने ताला खोलने से इनकार कर दिया। इसके बाद दुलारो देवी को बुलाया गया। क्योंकि दुलारों देवी ने ही जयंती की शादी कराई थी। वह उनकी बात ज्यादा मानती थी। जब दुलारो देवी ने कमरा खोला और वह अंदर गई तो देखा दोनों बच्चे मरे हुए पड़े थे। उसकी चीख निकल गई, कहा कि इसने दोनों बच्चों को मार डाला।

दो बच्चे मां के पास नहीं थे इसलिए बच गए
बंटू के चार बच्चे है, जिसमें तीन बेटियां और एक बेटा था। बड़ी दोनों बेटियां घटना के समय मां के पास नहीं थी। बड़ी बेटी सुनीता अपनी बुआ के पास थी और छोटी बेटी ममता अपने पिता के साथ थी। इसलिए दोनों बेटियों की जान बच गई। गांव वालों का कहना है कि अगर चारो बच्चे जयंती के पास होते तो वह चारो को मार डालती।

  • यह वो घर है, जिसमें जयंती और उसके दोनों बच्चों को बंद किया गया था। अमृत विचार

पुलिस ने पकड़ा, तब भी मुस्कुरा रही थी जयंती
पूर्व प्रधान समेत गांव के अन्य लोगों ने बताया कि जयंती को अपने दोनों बच्चों को मारने का कोई दुख नहीं था। जब पुलिस ने उसे पकड़ा तब भी वह मुस्कुरा रही थी। इसको देखकर गांव के लोग भी हैरत में पड़ गए। सोचने लगे कि यह कैसी मां है अपने ही बच्चों को मारने के बाद मुस्कुरा रही है। बहरहाल पुलिस उसे अपने साथ ले गई उसे जेल भेज दिया गया है।

पुलिस की पूछताछ में कहा काली मां आई थी उन्होंने मारने को कहा
हैरत की बात है कि जयंती ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके सपने में काली मां आई थी। उन्होंने कहा था कि अपने दोनों बच्चों को मार दो तो तेरा भला हो जाएगा। इसके बाद उस जयंती ने अपने दोनों बच्चों को मौत के घाट उतार दिया। हालांकि यह बात पुलिस से लेकर लोगों तक किसी को भी पच नहीं रही है।

वर्जन- 
भुता थाना के मटकापुर गांव में जयंती नाम की एक महिला ने पति पत्नी के विवाद की वजह से अपने दोनों बच्चों को गला घाेंटकर मार दिया। दोनों के शवों को पोस्टामर्टम के लिए भेज दिया है। जयंती को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
— राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात।

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