बरेली: गंगाशील अस्पताल के प्रबंधक समेत पांच लोगों पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट

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बरेली, अमृत विचार। हादसे में बुजुर्ग और उनका बेटा घायल हो गए थे। दोनों को डीडीपुरम स्थित गंगाशील अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के नाम पर अस्पताल ने उनसे 6 लाख रुपये ले लिए और कुछ सादा कागजों पर उनके हस्ताक्षर करा लिए। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पैसा न होने पर घायल …

बरेली, अमृत विचार। हादसे में बुजुर्ग और उनका बेटा घायल हो गए थे। दोनों को डीडीपुरम स्थित गंगाशील अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के नाम पर अस्पताल ने उनसे 6 लाख रुपये ले लिए और कुछ सादा कागजों पर उनके हस्ताक्षर करा लिए। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पैसा न होने पर घायल पिता पुत्र को पैसा न होने के कारण डेढ़ लाख रुपये का चेक दिया लेकिन वह कैश नहीं हुआ। अस्पताल प्रबंधन ने केंद्रीय स्वास्थ्य योजना का लाभ लेने का भी प्रयास किया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल के प्रबंधक समेत पांच लोगों पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

राजेंद्र नगर के रहने वाले हरीश चंद सहगल ने बताया कि वह 12 जून की रात खाना खाकर अपने बेटे नितेश सहगल के साथ टहल रहे थे। इसी बीच तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों के हाथ, पैर में गंभीर चोट आई। इलाज के लिए उन्हें डीडी पुरम स्थित गंगाशील अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान इलाज में उन्होंने ₹6 लाख रुपये खर्च किए।

16 जून को परिजनों ने अतिरिक्त खर्च न कर पाने की बात कहीं तो अस्पताल प्रबंधक अभिषेक दीपक पाल ने अस्पताल के निदेशक और प्रबंधक समिति की मीटिंग बुलाकर उन्हें स्कीम समझाई। उन्हें आगे का खर्च काटने की बात कहते हुए उन्हें 1.5 लाख रुपए का चेक दे दिया गया। चेक जब बैंक में लगाया गया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद उसे 30 अगस्त को फिर से लगाया गया चेक फिर से बाउंस हो गया। तब उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से अपने इलाज के कागज मांगे तो अस्पताल प्रबंधन ने कागज देने से मना कर दिया।

जांच में उन्हें पता चला की उनके ओपीडी के कागजों पर केंद्रीय स्वास्थ्य सरकार स्वास्थ्य योजना लिखा था। जिस स्कीम के नाम पर इलाज के रुपए अस्पताल द्वारा लिए गए वह उस स्कीम का पात्र नहीं है। आरोप है कि जानबूझकर उन्हें धोखा देने के लिहाज से चेक दिया गया था। उनका कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना से भी रुपए रखने की चेष्टा की है या ऐठ लिए हैं।

पीड़ित ने इसकी शिकायत एडीजी से की। जिसके बाद एडीजी के आदेश पर गंगाशील अस्पताल के विभव गौतम, प्रबंधक डाक्टर निशांत गुप्ता, अभिषेक दीपक पाल प्रबंध निदेशक, मनीष वैष्णव, साकेत वाली के साथ गंगाशील अस्पताल इकाई शील नर्सिंग होम प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

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