बरेली: आचार संहिता का डर इसलिए निधि खर्च करने में जुटे विधायक
बरेली, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव से पहले आचार सहिंता के डर से विधायक निधि खर्च करने में जुट गए हैं। मार्च महीने में चुनाव कराने की बात कही जा रही है। इससे दो महीने पूर्व आचार संहिता लग सकती है। इससे निश्चित ही विधायकों की रकम निधि में ही फंसकर रह जाएगी। सूत्रों की मानें …
बरेली, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव से पहले आचार सहिंता के डर से विधायक निधि खर्च करने में जुट गए हैं। मार्च महीने में चुनाव कराने की बात कही जा रही है। इससे दो महीने पूर्व आचार संहिता लग सकती है। इससे निश्चित ही विधायकों की रकम निधि में ही फंसकर रह जाएगी। सूत्रों की मानें तो समस्त विधायकों ने आगामी चुनाव से पहले विभाग को प्रस्ताव इतने अधिक दिए थे कि धनराशि भी कम पड़ जाती। इसके पीछे एक कारण यह है कि कोरोना काल में गत वर्ष विधायक अपनी निधि से वंचित थे। इसलिए दो सालों के प्रस्ताव उन्होंने एक ही साल में दे दिए।
विभाग ने इनमें छंटनी कर निधि के हिसाब से प्रस्ताव तय कर लिए। अफसरों की मानें तो अगर यह चुनावी साल नहीं होता तो संभव था कि इस साल भी सांसद निधि की तरह विधायक निधि नहीं मिलती लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण ही उनको निधि के तीन-तीन करोड़ रुपये मिले हैं। इसलिए मौके की नजाकत को देखते हुए अधिकारियों की सलाह पर विधायकों ने अपनी निधि लगभग निकाल ली है।
विधायकों को निधि वापस होने का डर
पिछली सरकार में अगर किसी विधायक की निधि बच जाती थी तो निधि अगला जो भी विधायक होता था उसकी विधायक निधि में शामिल हो जाया करती थी। लेकिन वर्तमान सरकार ने नियम बदल डाले थे। विधायक निधि बचेगी तो वह शासन को वापस हो जाएगी। इसलिए भी विधायकों ने अपनी निधि शीघ्र ठिकाने लगाना शुरू कर दिया है।
तीन करोड़ में 40 लाख कट जाएगी जीएसटी
विधायक निधि के रूप में विधायकों को तीन करोड़ मिल रहे हैं। इसमें 40 लाख रुपये जीएसटी में चले जाएंगे। इस तरह वह अपने प्रस्तावित कार्य केवल 2.60 करोड़ में ही करवा पाएंगे। प्रस्तावों को देखते हुए चुनावी साल में विधायकों को इससे क्षेत्र में हर प्रस्ताव पास करा पाना मुश्किल भरा होगा। एक सीमा में ही उनके प्रस्तावों को शामिल किया जा सकेगा।
कोरोना काल में हाथ हो गए थे खाली
कोरोना काल में प्रदेश के आर्थिक हालातों को देखते हुए विधायक निधि बंद कर दी गई थी। इससे बीते वित्तीय वर्ष में विधायकों को क्षेत्र के विकास के लिए फूटी कौड़ी भी नहीं मिली थी। विधायक निधि से विकास कार्य पूरी तरह से ठप रहा। इसलिए अब कार्यकाल की आखिरी निधि में वह खुद को मजबूत साबित करने में जुट गए हैं।
सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, बारात घर के प्रस्ताव सबसे ज्यादा
विधायक निधि के विधायकों से जो प्रस्ताव आए हैं, उनमें सीसी रोड, इंटर लाकिंग और बारात घरों के प्रस्ताव सबसे अधिक हैं। शहरी क्षेत्रों को विधायकों ने स्ट्रीट लाइटों के प्रस्ताव किए हैं, ताकि नगर पालिका और नगर पंचायतों में इनका रख-रखाव ठीक ढंग से हो सके।
माननीयों के प्रस्ताव के अनुरूप विकास कार्यों को स्वीकृति दी जाती है। बरेली जनपद को प्रदेश के कई अन्य जनपदों के मुकाबले रिकार्ड बेहतर है। इस समय जो भी प्रस्ताव मिले हैं, नियमानुसार स्वीकृति दी जा रही है। -तेजवंत सिंह, पीडी डीआरडीए
